उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में सोमवार की रात भीषण हादसा हो गया। मगोर्रा थाना क्षेत्र के गांव उमरी के समीप सड़क किनारे खड़े लोगों और टेंपो को डीसीएम ने रौंद दिया। हादसे में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि दो घायल हो गए। मृतकों में छह लोग मध्यप्रदेश निवासी मजदूर व उनके बच्चे हैं, जबकि एक मथुरा निवासी टेंपो चालक है।
शहर कोतवाली क्षेत्र की अंबेडकर नगर कॉलोनी में रह रहे मध्य प्रदेश के छतरपुर निवासी मजदूर परिवार के साथ सोमवार रात तकरीबन आठ बजे मथुरा-भरतपुर मार्ग स्थित जाजमपट्टी चौराहे पर जाने के लिए पैदल रवाना हुए। इनको जानकारी मिली थी कि जाजमपट्टी से छतरपुर के लिए बसें जा रही हैं।
टेंपो चालक से कर रहे थे बात
रात तकरीबन नौ बजे थाना मगोर्रा क्षेत्र के गांव ऊमरी के समीप जाजमपट्टी पहुंचने के लिए उन्होंने टेंपो को रुकवाया। ये लोग सड़क किनारे टेंपो वाले से खड़े होकर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान भरतपुर की ओर से आई तरबूज से भरी डीसीएम ने टेंपो और वहां खड़े मजदूरों को रौंद दिया।
हादसे में 36 वर्षीय रामसखी पत्नी अशोक और 35 वर्षीय लक्ष्मी पत्नी रामरतन निवासी गांव पटनी बसारा थाना चंदाला (छतरपुर) की मौके पर मौत हो गई और सात लोग घायल हो गए। सूचना मिलने के बाद करीब रात साढ़े 10 बजे मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया।
सुबह होने तक टेंपो चालक मदनमोहन (30) पुत्र रामकिशन निवासी अपना नगर हाईवे मथुरा, छतरपुर निवासी रोशनी (15) पुत्री अशोक, राजू उर्फ कैलाश पुत्र मोहन लाल (18), शिवरन उर्फ शिवम पुत्र मनीराम (18), रुचि पुत्री रामरतन (8) की अस्पताल में मौत हो गई। लक्ष्मी पत्नी रामरतन (35) और उनकी दो साल की बेटी मोहिनी की हालत गंभीर है।
हादसे में मरने वालों के नाम
पुलिस अधीक्षक श्रीश चंद ने बताया कि डीसीएम ने सड़क किनारे खड़े टेंपो तथा मजदूरों को टक्कर मारी है। ये मजदूर टेंपो वाले से खड़े होकर बात कर रहे थे। घटना के बाद डीसीएम चालक और परिचालक फरार हो गए। डीसीएम को कब्जे में ले लिया गया है। घटना की जांच कराई जा रही है।