कासगंज। लोकसभा चुनाव में वोट डालने के लिए आवेदन करने वाले सात हजार मतदाताओं के पहचान पत्र अभी तक बनकर नहीं आ सके हैं। इन मतदाताओं के नाम पुनरीक्षण के बाद आवेदन करने पर सूची में शामिल किए गए है।निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान चलाया।जिसकी सूची का अंतिम प्रकाशन 24 जनवरी को किया गया। इस अभियान के दौरान नाम बढ़वाने, नाम में गलती आदि के चलते आवेदन करने वाले 39 हजार मतदाताओं के पहचान पत्र बनकर आ गए। ये पहचान पत्र डाक के माध्यम से मतदाताओं के घरों तक पहुंचाए जा चुके हैं। आयोग ने 18 साल से ऊपर का कोई भी व्यक्ति मताधिकार से वंचित नहीं रह जाए इसके लिए चुनाव की नामांकन प्रक्रिया शुरू होने तक आवेदन करने का मौका दिया। जिले की तीनों विधानसभाओं से सात हजार लोगों के नाम सूची में शामिल किए गए। इन मतदाताओं के पहचान पत्र बनने के लिए भेजे जा चुके हैं, लेकिन अभी तक इनके पहचान पत्र बनकर नहीं आ सके हैं। लोकसभा चुनाव के लिए मतदान होने में महज एक पखवाड़े का समय ही शेष है। ऐसे में ये मतदाता चिंतित है। मतदाता आरती ने बताया कि वोट बनवाने के लिए मार्च माह में आवेदन किया गया, लेकिन अभी तक पहचान पत्र बनकर नहीं आ सका है। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी मनोज गुप्ता का कहना है कि जिन मतदाताओं के नाम पुनरीक्षण के बाद सूची में शामिल किए गए हैं उनके पहचान पत्र बनने के लिए गए हुए हैं। जल्द ही पहचान पत्र बनकर आने की उम्मीद है।