एटा के गांव अंगदपुर में दिवाली की रात पुलिस ने कुछ जुआरियों को पकड़ा। ग्रामीणों के विरोध और हंगामे के बाद पुलिसकर्मियों ने सभी को छोड़ दिया और थाने लाैट आए। आला अफसरों तक को जानकारी नहीं दी और मामला दबा दिया। अब वीडियो वायरल होने पर एसएसपी ने थाना राजा का रामपुर के प्रभारी मुकेश तोमर समेत 7 पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है।
थाना राजा का रामपुर में तैनात उपनिरीक्षक रूपचंद और वीरपाल अन्य पुलिसकर्मियों के साथ सोमवार रात गांव अंगदपुर जुआरियों को पकड़ने पहुंचे। पुलिस टीम ने यहां कुछ लोगों को जुआ खेलते पकड़ लिया। यह देख बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं व पुरुष जमा हो गए। पुलिस से बहस शुरू हो गई। किसी ने पूरे मामले का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो में लोग जुआरियों को नहीं छोड़ने पर हंगामा करते हुए सड़क जाम करने की धमकी दे रहे हैं। विरोध और भीड़ के दबाव में पुलिसकर्मियों ने जुआरियों को छोड़ दिया और थाने लौट आए।
पुलिसकर्मियों ने वापस आकर इस घटना का कहीं भी लिखित और मौखिक रूप से जिक्र नहीं किया। यहां तक कि आला अधिकारियों को भी जानकारी नहीं दी। शुक्रवार को जब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पुलिसकर्मियों की नाकामी उजागर हुई। मामले में एसएसपी श्याम नारायण सिंह ने थाना प्रभारी मुकेश तोमर, उपनिरीक्षक रूपचंद और वीरपाल और आरक्षी ह्रदयनारायण, बहादुर, अजय और धर्मसिंह को निलंबित कर दिया है।
जो घटना हुई उसे वापस थाने आकर जीडी में दर्ज करना था। इस पर कार्रवाई की जाती लेकिन पुलिसकर्मियों और थाना प्रभारी ने इसे छुपाया। यह कृत्य अनुचित है, इसके चलते निलंबन कार्रवाई की गई है।
-श्याम नारायण सिंह, एसएसपी, एटा