कासगंज। कोरोना के समय अपनी जान को जोखिम में डालकर काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की सेवाएं बृहस्पतिवार को समाप्त हो गई। जिले में 90 स्वास्थ्य कर्मी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनके हटने के बाद जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ेगा।कोरोना की पहली लहर में स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ा जाने के बाद सरकार ने कर्मियों की कमी को दूर करने के लिए आउट सोर्सिंग के तहत एनएनएम लैब टेक्नीशियन, ओटी टेक्नीशियन, कंप्यूटर ऑपरेटर, वार्डबॉय, स्वीपर, डाटा एंट्री आपरेटर, ऑक्सीजन प्लांट टेक्नीशियन आदि पदों पर कर्मियों को नियुक्त किया। जिले में 90 कर्मचारियों की नियुक्ति की गई। इनमें से 22 कर्मी जिला अस्पताल में तथा 68 कर्मी सीएमओ कार्यालय व अस्पतालों पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। संक्रमितों की जांच से लेकर दवाई आदि देने का काम इन्हीं के जिम्मे था। विभाग ने इन कर्मियों की सेवा को विस्तार नहीं दिया। जिले में स्वास्थ्य विभाग के पास कर्मियों की काफी कमी चल रही है। इन कर्मियों के माध्यम से विभाग काम ले रहा था। इन कर्मियों के हटने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका असर पड़ेगा। सीएमओ डॉ. राजीव अग्रवाल ने बताया कि कोरोना में रखे गए कर्मियों की सेवाएं समाप्त हो गई है। आउट सोर्सिंग के तहत जो रिक्तियां निकलेंगी। उनमें इन कर्मियों को प्राथमिकता दी जाएगी। विभाग में कर्मियों की काफी कमी है। कर्मियों के हटने का असर सेवाओं पर पड़ेगा।