जिला में बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति में फर्जीवाड़े के मामले नहीं रुक रहे हैं। जांच के बाद छह शिक्षक फर्जी प्रमाणपत्रों से नौकरी करते पाए गए हैं। विभाग ने इन सभी शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। इन शिक्षकों के वेतन आहरण पर रोक लगा दी गई है।
जिला में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में जून माह में अनामिका शुक्ला के नाम से नौकरी करते एक शिक्षिका के पकड़े जाने के बाद शासन के निर्देश पर विभाग ने जिला के परिषदीय स्कूलों में तैनात शिक्षकों के शैक्षिक एवं नियुक्ति प्रमाणपत्र जांच के लिए मांगे थे। इनमें से सोरों के पहाड़पुर कटरा में तैनात शिक्षक देवेंद्र सिंह, सिकंदरपुर क्षेत्र के तैयवपुर विद्यालय में तैनात शिक्षिका देविका रानी एवं शेरपुर विद्यालय में तैनात शिक्षक सहोदरा कुमारी ने अपनी बीएड की डिग्री डॉ. बीआर आंबेडकर विश्व विद्यालय की वर्ष 2004-05 की लगाई।
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इसके बाद विभाग ने इनकी डिग्री का मिलान एसआईटी की सूची से कराया। एसआईटी से भेजी गई इस वर्ष में बीएड करने वाले सभी शिक्षकों के नाम नहीं मिले। इसके बाद विभाग ने इनकी डिग्री की जांच विश्व विद्यालय से कराई।