आगरा सदर तहसील में सर्वर रहा ठप
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आगरा निबंधन विभाग में लगातार पांचवे दिन सर्वर ठप रहा। बुधवार को दिनभर बैनामा, नकल, मुआयना, विवाह पंजीकरण से लेकर अन्य दस्तावेज पंजीकरण नहीं हुए। इससे दूर-दराज से आए सैकड़ों पक्षकारों को निराश होकर लौटना पड़ा।
उप निबंधक कार्यालयों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। सदर तहसील में पांच उप निबंधक कार्यालय हैं। रोज 150 से 200 दस्तावेज पंजीकृत होते हैं। पंजीकरण से पहले स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर पक्षकार को आवेदन करना पड़ता है। 8 नवंबर से सर्वर रखरखाव व डाटा हस्तांतरण के कारण बंद था। बुधवार को सर्वर चालू हो जाने का दावा महानिरीक्षक स्टांप नेहा शर्मा ने किया था। पांचवे दिन बुधवार को बड़ी संख्या में पक्षकार सदर तहसील पहुंचे। लेकिन, सर्वर नहीं चलने के कारण बैनामा, इकरारनामा, दानपत्र के लिए आवेदन नहीं हुए। नकल और मुआयना के लिए शुल्क भी ऑनलाइन जमा करना पड़ता है। शुल्क जमा नहीं हो सका। बुधवार को एक भी विवाह पंजीकरण नहीं हुआ।
अधिवक्ता, दस्तावेज लेखकों में आक्रोश
सदर तहसील बार एसोसिएशन महासचिव अरविंद दुबे ने सर्वर ठप होने और पक्षकारों की पेरशानी को लेकर सहायक महानिरीक्षक योगेश कुमार को ज्ञापन सौंपा। आक्रोश व्यक्त करते हुए विभागीय अधिकारियों पर जनहित कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए। उधर, दस्तावेज लेखक भी दिनभर हाथ पर हाथ रखे सर्वर शुरू होने का इंतजार करते रहे। दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक सर्वर ठप रहा। विरोध दर्ज कराने वालों में विष्णु गौड़, मुकेश गुप्ता, शंभूनाथ वर्मा, विमल तिवारी, दिव्यांश पाण्डेय, बृज किशोर, सत्य प्रकाश धाकरे, राम सारस्वत, दस्तावेज लेखक एसोसिएशन महासचिव आशू यादव, हेमेंद्र जैन आदि शामिल रहे।