संत देवमुरारी बापू को पुलिस ने बुधवार को हिरासत में ले लिया। उन्होंने पुलिस उत्पीड़न से परेशान होकर आत्महत्या की धमकी दी थी। पुलिस समय से पहले ही उनके घर पहुंची और और घेराबंदी करके उन्हें पकड़ लिया। हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि निर्माण न्यास के अध्यक्ष आचार्य संत देवमुरारी बापू और पुलिस के बीच दो घंटे तक रस्साकसी चलती रही। मुरारी ने कहा 6 दिसंबर को न्याय अब श्रीकृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह के लिए पदयात्रा नहीं करेगा। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई है।
दरअसल, दो दिन पहले एक महिला ने देवमुरारी बापू समेत तीन लोगों के खिलाफ छेड़छाड़ व धमकी देने समेत अन्य आरोप लगाते हुए वृंदावन कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इससे आहत बुधवार को मुरारी बापू ने घोषणा कर दी कि वह दो बजे मीडिया के समक्ष आत्महत्या करेंगे। धमकी देने के बाद सुबह लगभग दस बजे सीओ सदर राम मोहन शर्मा पुलिस टीम लेकर देव मुरारी के आनंद वाटिका स्थित फ्लैट पर पहुंचे। मुरारी ने अपने को फ्लैट को अंदर से बंद कर लिया। जैसे ही सुबह 10:30 बजे पत्रकार पहुंचे तो वे फ्लैट की बॉलकोनी में आए और पुलिस पर उत्पीड़न करने के साथ झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाया।
करीब साढ़े 11 बजे देव मुरारी हाथ में चाकू लेकर हाथ व गला काटकर आत्महत्या की धमकी देते हुए फ्लैट से नीचे आए। इसी दौरान पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए उन्हें पकड़ लिया और घसीटते हुए जीप में डाल थाने ले आई। यहां लगभग चार घंटे तक पुलिस और मुरारी में कई दौर की वार्ता हुई। पुलिस के सामने उन्होंने 6 दिसंबर को होने वाली पदयात्रा को स्थगित करने का लिखित एलान किया। एसपी सिटी एमपी सिंह और सीओ सदर राममोहन शर्मा ने मुकदमे की निष्पक्ष जांच करने का भरोसा देने के बाद उन्होंने आत्महत्या करने का अपना इरादा टाल दिया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। मुरारी के घर पर पुलिस भी तैनात कर दी है।
देवमुरारी ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान को लेकर 6 दिसंबर को वृंदावन से शाही ईदगाह तक पदयात्रा निकालते हुए कार सेवा का एलान किया था। आरोप है कि पुलिस उन्हें रोकने के लिए षड्यंत्र रच रही है। उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मभूमि निर्माण न्यास नाम का संगठन बनाया था। इसी संगठन के बैनर तले 6 दिसंबर को कार सेवा का एलान किया था। कोरोना महामारी और वर्तमान हालातों को देखते हुए वह अपनी पदयात्रा को स्थगित कर रहे हैं।
करीब दो घंटे तक मशक्कत करने के बाद किसी तरह पुलिस ने देवमुरारी बापू को हिरासत में लिया। देवमुरारी बापू पर महिला ने गंभीर आरोप लगाए हैं। बापू से मंगलवार से आग्रह किया कि वह अपना पक्ष रखें लेकिन उन्होंने पक्ष नहीं रखा। वहीं, आत्महत्या की धमकी दे दी। इसके बाद पुलिस को बल प्रयोग करते हुए उन्हें हिरासत में लिया गया था। जिससे उनकी जान बच सके।
- एमपी सिंह, एसपी सिटी मथुरा।