कासगंज। सत्र न्यायाधीश दिवेश चंद्र सामंत के न्यायालय ने हत्या व हत्या के प्रयास के दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 101000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया है।
मोहल्ला नवाब निवासी मंसूर अहमद ने अपने चचेरे भाई इमरान व सुल्तान हसन पर 5 सितंबर 2015 को फायरिंग कर दी, जिसमें इमरान की मौत हो गई। जबकि सुल्तान हसन घायल हो गया। मृतक के पिता चौधरी नुरुल हसन निवासी ठंडी सड़क ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने मामले की विवेचना करते हुए पत्रावली कोर्ट में पेश कर दी।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव सिंह यदुवंशी ने की। कोर्ट ने मंसूर को हत्या व हत्या के प्रयास का दोषी माना। जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि कोर्ट ने दोषी को आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। जुुर्माना अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। मृतक के आश्रितों व पीड़ित पक्षकार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से क्षतिपूर्ति दी जाएगी।