बेटी से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में मौत की सजा पाने वाले पिता की गिरफ्तारी के बाद एत्मादपुर थाना पुलिस ने उसका बयान दर्ज किया था। उसने बताया था कि वह नशे का आदी है, शराब की पूरी बोतल पीने के बाद भी उसे नशा नहीं होता।
इसके अलावा अफीम, चरस, जो मिल जाए, उसे चिलम में डालकर पीता है। उसे कपड़े पहनकर नींद नहीं आती, इसलिए निर्वस्त्र सोता है। घर में सांप निकल जाए तो वह डरता नहीं है, खुश होता है। वह सांप को पकड़ लेता है, चाकू से सिर का हिस्सा काट देता है, इसके बाद उसे भूनकर खाता है। सिर्फ सांप ही नहीं, मेंढक, गोह जो मिल जाए, उसे भूनकर खा जाता है।
पुलिस ने उससे उसकी दिनचर्या, आदतों के बारे में सवाल तब किया था, तब बच्ची के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पढ़ी। उस पर पोस्टमार्टम इंजरी यानी मौत के बाद जख्म बनाने के निशान थे।
उसके शव पर दांत से काटा गया था और नाखूनों से नोंचा गया था। इसी के बाद पुलिस ने उससे लंबी पूछताछ की। उसने बताया कि उसे बचपन में ही नशे ही लत लग गई थी।
उसे बगैर नशा किए नींद नहीं आती। दुष्कर्म और हत्या के बारे में पूछे जाने पर वह पहले तो इनकार करता रहा लेकिन जब उसे बताया गया कि उसके बेटे ने ही बयान दिया है तो वह टूट गया।
खानाबदोश है, पत्नी छोड़कर चली गई
वह खानाबदोश है, डेरे बदलता रहता है। एत्मादपुर में डेरा डालकर रहता था। लोगों की कानों की सफाई काम करता था। उसकी करतूतों से आजिज आकर वारदात से छह महीने पहले पत्नी छोड़कर चली गई थी। बड़ा बेटा उससे अलग सोने लगा था। उसने दुष्कर्म से छह महीने पहले बेटी के साथ छेड़खानी की थी। इसका पता आस पास के लोगों को चल गया था। पंचायत हुई थी। तब माफी मांगकर बच गया था।
बेटी ही देखभाल करती थी, उसी की जान ले ली
मौत की सजा पाने वाले शख्स की जब पत्नी चली गई और बेटे दूरी बनाने लगे तो अकेली बेटी ही थी, जो उसका ख्याल रखती थी। वही उसे खाना परोसती थी। उसके लिए पानी लाती थी। उसने बयान में कहा था कि शराब के नशे में उसे यह भी ध्यान नहीं रहा कि बेटी की जान लेने जा रहा है।