राजस्थान के धौलपुर के सरमथुरा थाना क्षेत्र के गांव तोरे का सायपुरा में पशु चोरों को पकड़ने गई थाना बसई जगनेर पुलिस पर हमला हुआ था। इस दौरान फायरिंग में एक ग्रामीण की मौत हो गई थी।
मामले में इंस्पेक्टर समेत नौ पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस दर्ज हुआ। मगर, किसी पुलिस कर्मी पर कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि नामजद तीन आरोपियों को गुपचुप जेल भेज दिया गया। सवाल उठ रहा है कि पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई में अधिकारियों के हाथ क्यों कांप रहे हैं।
25 दिसंबर 2017 को थाना बसई जगनेर के गांव सोनीखेड़ा में सरनाम सिंह की 18 भैंस चोरी कर ली गई थी। इसमें राजस्थान के बाड़ी के रामपूजन, विजय सिंह, केदार, धौलपुर के गांव सरमथुरा के करन, रन सिंह, अवतार और सोनेलाल को नामजद किया गया था।