कोरोना का खतरा अभी भी बरकरार है लेकिन बुजुर्ग टीकाकरण कराने से कतरा रहे हैं। विभाग द्वारा आयोजित पांच दिवसीय सत्र में मात्र 3994 बुजुर्गों ने ही टीकाकरण कराया। शासन ने स्वास्थ्य कर्मियों एवं फ्रंट लाइन वर्कर्स को टीका से प्रतिरक्षित करने के बाद बुजुर्गों एवं बीमारों में संक्रमण के खतरे को देेखते हुए तीसरा चरण 1 मार्च से शुरू करा दिया।
जिले में 112711बुजुर्गों का टीकाकरण किया जाना था। इसके लिए विभाग ने निजी एवं सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर पांच दिन का टीकाकरण सत्र का आयोजन किया। जिसमें मात्र 3.54 प्रतिशत बुजुर्गों ने ही टीका की पहली डोज लगवाई। जबकि मार्च माह में चार कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं। अब तक कुल 1967 लोग जिला में संक्रमित हो चुके हैं। इनमें बुजुर्गों का आंकड़ा अधिक है।
केंद्र दूर होने से भी पड़ रहा असर
टीकाकरण करने को विभाग ने 11 केंद्र निर्धारित कर रखे हैं। इनमें से चार केंद्र शहर में है। इसके अलावा एक केंद्र जिला अस्पताल पर है। जबकि 6 केंद्र ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य केंद्र पर बनाए गए हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के बुजुर्ग टीकाकरण के लिए केंद्रों पर नहीं पहुंच पाते।
यह है जिले में बुजुर्गों का आंकड़ा
60 से 69 साल तक 71325
70 से 79 साल तक 29106
80 साल से ऊपर 12280
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टीकाकरण के लिए प्रेरित करने को विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। पूर्व पंजीकरण के अलावा केंद्र पर भी पंजीकरण की व्यवस्था है, ताकि पंजीकरण के कारण कोई भी टीकाकरण से वंचित न रहे। -डॉ. अंजुश जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।