आगरा में भले ही लोगों को 200 और 50 रुपए का नोट देखने को नहीं मिला हो, लेकिन इन नोटों से बनीं दूल्हे की मालाएं बाजार में धड़ल्ले से बिक रही हैं। जबकि दिवाली के पहले से ही दो सौ रुपए का नोट जारी हो चुका है।
वहीं बाजार में इन नोटों की मालाएं बनने से बैंक की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कई बैंकों ने यह निर्देश जारी किए थे कि किसी भी ग्राहक को दस से ज्यादा दो सौ रुपए के नोट न दिए जाएं।
रावतपाड़ा, किनारी बाजार, शाहगंज, लुहार गली में दो सौ रुपए के नोटों की मालाएं शादी समारोह के लिए बनाकर रखी गई हैं। इनमें 50 रुपए का नोट किनारे और दो सौ रुपए के नोट से फूल बनाए गए हैं।
ऐसे इस्तेमाल पर है पाबंदी
नोटों के ऐसे प्रयोग पर पहले से पाबंदी है, लेकिन दुकानों पर यह धड़ल्ले से न केवल बेची जा रही हैं, बल्कि आम लोगों के उलट आसानी से उपलब्ध भी हैं।
दो सौ और पचास रुपये के नोटों पर जो नंबर हैं, उससे बैंक की वह शाखा पकड़ में आ सकती है, जिसे इन नंबरों की गड्डियां आवंटित की गई थीं। करेंसी चेस्ट से यह किस बैंक को पहुंची है, वहां से इसकी जानकारी संभव है।
बैंक सूत्रों के मुताबिक कई मैनेजरों और करेंसी चेस्ट कर्मचारियों की सांठगांठ के कारण नए नोट बाजार में मालाओं के रूप में उपलब्ध रहते हैं।
200 के नोट के लिए केलिब्रेशन
भारतीय रिजर्व बैंक ने दो सौ रुपए का नोट जारी किया था, लेकिन यह बाजार में चलन में नहीं आ सका। आगरा में दो सौ के नोट की आपूर्ति जरूरत के मुताबिक नहीं रही है।
रिजर्व बैंक द्वारा दो सौ रुपए के नोट की छपाई बढ़ाने के साथ इसकी आपूर्ति पर जोर दिया जा रहा है। ज्यादातर बैंक चेस्ट से पुराने नोट रिजर्व बैंक भेजे जा चुके हैं, जिसके बाद नए नोट रखने के लिए काफी जगह रहेगी।
बैंकों ने अब नए नोट के मुताबिक एटीएम को केलिब्रेट करने की तैयारी की है। नोटबंदी के बाद बैंकों ने एटीएम को दो हजार और पांच सौ रुपये के नए नोट के लिए केलिब्रेशन कराया था। अब दो सौ रुपये के नोट के लिए एटीएम को व्यवस्थित किया