उत्तर भारत के प्रमुख रामलीला महोत्सव की सुरक्षा व्यवस्था में सिविल डिफेंस का सहयोग हर वर्ष रहता है, लेकिन इस बार उनकी जिम्मेदारी बढ़ गई है। नौ अक्तूबर को जिला पंचायत के प्रथम चरण का मतदान होना है। फोर्स की कमी के चलते प्रशासन ने करीब 322 स्वयंसेवकों को जिम्मेदारी सौंपी है। हालांकि डीजीपी ने भरोसा दिलाया है कि आयोजन के लिए पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।
गौरतलब है कि रामबारात शोभायात्रा आठ अक्तूबर को निकाली जाएगी। नौ अक्तूबर को तहसील एत्मादपुर और फतेहाबाद में प्रथम चरण के जिला पंचायत और बीडीसी के चुनाव होंगे। चुनाव ड्यूटी में पुलिस फोर्स आठ अक्तूबर की शाम को ही रवाना हो जाएगा। अधिकारियों ने रामबारात के लिए शासन से फोर्स की डिमांड की गई थी। इधर, सिविल डिफेंस को भी तैयार किया। शनिवार को आगरा आए प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडा और डीजीपी जगमोहन ने भरोसा दिलाया है कि पर्याप्त सुरक्षा रहेगी, लेकिन सिविल डिफेंस को भी लगाया जाएगा। एडीएम सिटी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि 322 स्वयंसेवक रहेंगे। उन्हें सीटी और डंडा दिया जाएगा। इनकी ड्यूटी चार चरणों में होगी। पहले चरण में मन:कामेश्वर मंदिर से बेलनगंज तक, बेलनगंज से घटिया, तीसरी चरण में घटिया से मन:कामेश्वर और चौथे चरण में मन:कामेश्वर से जनकपुरी तक। हर चरण में स्वयंसेवक बदल दिए जाएंगे।