जिलाधिकारी ने ग्राम इखौना में मनरेगा से कराए गए 1,24,662 रुपये के गोलमाल के मामले में ग्राम पंचायत सचिव व जेई के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे। इस फाइल को दबा दिया गया। इसके बाद जिलाधिकारी ने दो जिला स्तरीय अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दे दी। इस मामले में जिला विकास अधिकारी विपिन कुमार ने ग्राम पंचायत सचिव सत्यप्रकाश को निलंबित कर दिया है।
जिला विकास अधिकारी ने बताया कि उपजिलाधिकारी कासगंज द्वारा कराई गई जांच में ग्राम इखौना में वीरपाल के खेत से उपेंद्र के खेत तक चक मार्ग निर्माण कार्य पर बिना कार्य कराए प्रधान एवं सचिव की मिलीभगत से धनराशि श्रमिकों के खातों में भेज कर इस कार्य में कुल अपव्यय की गई धनराशि 1,24,662 में से 41,554 रुपये की वित्तीय अनियमितता हेतु ग्राम विकास अधिकारी/ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया है।
इसके साथ ही अपर जिला कार्यक्रम समन्वयक मनरेगा को ग्राम विकास अधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इनके द्वारा अब तक निर्धारित वसूली धनराशि भी जमा नहीं की गई है। खंड विकास अधिकारी सोरों को जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया गया है। 15 दिन के अंदर जांच कर आरोप पत्र तैयार कर उपलब्ध कराने के उनको निर्देश दिए हैं। निलंबन अवधि तक ग्राम विकास अधिकारी को खंड विकास अधिकारी कार्यालय सोरोंजी से संबद्ध किया गया है।