संजय चाहर ने बताया कि 31 अगस्त 2018 को नई दिल्ली स्थित आर्य समाज मंदिर में अलीगढ़ के क्वारसी थाना क्षेत्र के जनकपुरी निवासी मोना से प्रेम विवाह किया था। विवाह से पहले मोना ने शपथपत्र देकर स्वयं को अविवाहित बताया था। विवाह के बाद दोनों पति-पत्नी की तरह साथ रहे।
संजय का आरोप है कि उसकी मां मीरा देवी ने मुंह दिखाई में करीब ढाई तोला सोने का हार और बाद में विदाई के समय चार सोने की चूड़ियां, दो सोने के कड़े और करीब 400 ग्राम चांदी की पाजेब मोना को पहनने के लिए दी थीं। 19 अप्रैल 2019 को मोना अपने पिता के साथ मायके चली गई और दो सप्ताह में लौटने का आश्वासन दिया।
समय बीतने पर भी वापस नहीं आई। बाद में एक अलीगढ़ के एक व्यक्ति ने बताया कि मोना का पहले ही मनोज नामक व्यक्ति से विवाह हो चुका था। उसकी एक बेटी भी है और दोनों का अभी तलाक नहीं हुआ है। उसे इस संबंध में जन्म प्रमाणपत्र, स्कूल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज भी मिले। 17 अगस्त 2025 को अलीगढ़ के गैलेक्सी होटल में मोना से इस बारे में पूछा। मोना ने अपने परिचित प्रशांत और उदय विश्वकर्मा, मामा ललित और और मां पूजा को बुला लिया। सभी ने उनके साथ अभद्रता, गाली-गलौज करते हुए झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी।
उन्होंने पुलिस को कॉल कर दिया। पुलिस के हस्तक्षेप पर जेवर लौटाने और आपसी सहमति से तलाक लेने का आश्वासन दिया। बाद में न तो जेवर लौटाए गए और न ही समझौता हुआ। मोना एक हनीट्रैप गिरोह का हिस्सा है। जो लोगों को प्रेमजाल में फंसाकर रुपये और कीमती सामान ऐंठता है। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।