एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में भीड़
बदले मौसम से जुकाम-खांसी, नाक की एलर्जी और सांस-अस्थमा के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। कई ऐसे भी मरीज हैं, जिनमें मधुमेह अनियंत्रित पाई जा रही है। बाहर का भोजन करने से फूड पॉयजनिंग के मरीज भी आ रहे हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में सबसे अधिक 768 मरीज देखे गए।
मेडिसिन विभाग के डॉ. विजय सिंघल ने बताया कि बीते सप्ताह से मौसम में बदलाव हुआ है। दोपहर में गर्मी और सुबह-शाम हल्की सर्दी है। लोग दोपहर में गर्मी के कारण ठंडे पेयजल पी रहे है। इससे जुकाम-खांसी, गले में खराश और बुखार की दिक्कत मिल रही है। शादी-समारेाह में मीठा-चिकनाई खाने से मधुमेह अनियंत्रित हो रही है। ईएनटी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. रीतू गुप्ता ने बताया कि धूल-धुआं और खेतों में फसलों का कार्य होने से अतिसूक्ष्म कण की मात्रा भी हवा में बढ़ गई है। इससे नाक-गले में एलर्जी के मरीज बढ़ गए हैं। गले में भी खराश की परेशानी बन रही है। मरीजों को दवा देने के साथ बचाव के बारे में भी बताया जा रहा है।
ओपीडी में आए 3793 मरीज, पर्चे के लिए धक्कामुक्की
एसएन की ओपीडी में सोमवार को मरीजों की भारी भीड़ रही। 3793 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। हड्डी रोग विभाग में 471, त्वचा रोग विभाग में 317, वक्ष एवं क्षय रोग विभाग में 288, और न्यूरोलाॅजी विभाग में 238 मरीज आए। पर्चे-दवा के लिए लंबी लाइन में लगना पड़ा। लोगों को धक्कामुक्की और मारामारी भी झेलनी पड़ी।
इन बाताें का रखें ध्यान:
- ठंडी सामग्री खाने-पीने से बचें।
- सुबह-शाम एक लेयर में गर्म कपड़े पहनें।
- बाहर का भोजन और तली सामग्री से बचें।
- धूल-धुआं वाले क्षेत्र में जाने से पहले मास्क लगाएं।