ठेकेदार ने सरकारी तालाब की मिट्टी बेचने का आरोप
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अछनेरा। नगर पालिका अछनेरा क्षेत्र में स्थित पुराने तालाब की खुदाई के नाम पर सरकारी मिट्टी की अवैध बिक्री का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि तालाब की सफाई व खुदाई का कार्य कर रहे ठेकेदार ने बिना किसी अनुमति के तालाब से निकाली गई मिट्टी को ट्रैक्टर-ट्रॉली चालकों को प्रति ट्रॉली एक हजार रुपये में बेच दिया। इस अवैध गतिविधि से नाराज कस्बावासियों एवं स्थानीय सभासदों ने उपजिलाधिकारी किरावली नीलम तिवारी से लिखित व मौखिक शिकायत की।
शिकायत मिलते ही एसडीएम किरावली नीलम तिवारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल राजस्व टीम और नगर पालिका अछनेरा के अधिशासी अधिकारी अरुण कुमार को मौके पर जांच के लिए भेजा है। जांच में पाया गया कि तालाब की सरकारी भूमि से जेसीबी मशीन से खुदाई कर लगातार मिट्टी निकाली जा रही है और उसे बिना किसी वैधानिक अनुमति के ट्रॉली में भरकर बेचा जा रहा है। मौके पर तीन दर्जन से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉली मिट्टी भरकर ले जाती हुई पाई गईं। राजस्व टीम की प्राथमिक जांच में स्पष्ट हुआ कि ठेकेदार के पास न तो मिट्टी निकालने की अनुमति है और न ही बिक्री से संबंधित कोई वैध दस्तावेज हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो तालाब का अस्तित्व ही खतरे में पड़ सकता है।
आकलन कर राजस्व हानि की भरपाई के दिए आदेश
एसडीएम नीलम तिवारी ने जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही अवैध रूप से बेची गई सरकारी मिट्टी का आकलन कर राजस्व हानि की भरपाई कराने और भविष्य में बिना अनुमति किसी भी प्रकार की खुदाई या मिट्टी बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए हैं।
गोशाला के नाम पर हुई 50 ट्राॅली से अधिक मिट्टी की ढुलाई
वहीं, कस्बा वासियों ने बताया की गोशाला के नाम पर करीब 50 ट्रॉली से अधिक मिट्टी ले जाया गया लेकिन गोशाला पर शाम तक कोई मिट्टी की ट्रॉली से नहीं डाली गई। सभासद का आरोप है कि जिस ट्रैक्टर-ट्राॅली से मिट्टी ले जाई गई, वह नगर पालिका का नहीं था। ठेकेदार ने एक हजार रुपये प्रति ट्राॅली मिट्टी की ढुलाई की, जो ट्रैक्टर-टाॅजी निजी कार्य लिए दिखे। उपजिलाधिकारी नीलम तिवारी ने बताया शिकायत मिली है। राजस्व विभाग की टीम से जांच कराकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।