लॉकडाउन की वजह से आर्थिक संकट की जो स्थिति बनी है उसमें स्कूल अभिभावकों के साथ खड़े हैं। स्कूल प्रशासन और प्रबंधन ने तय किया है कि वह शासनादेश के अनुपालन करेंगे और चालू शैक्षणिक सत्र में फीस नहीं बढ़ाएंगे। स्कूलों ने सरकार के इस निर्णय को सही बताया है। कुछ ने आदेश जारी होने के पहले ही फीस न बढ़ाने का निर्णय ले लिया था। जिसने ज्यादा फीस दी है, उसे समायोजित करेंगे।
जीडी गोयनका स्कूल के प्रधानाचार्य पुनीत वशिष्ठ का कहना है कि चालू सत्र में किसी कक्षा के छात्र-छात्राओं की फीस नहीं बढ़ाई जा रही है। इस संबंध में अभिभावकों को संदेश भेजकर जानकारी भी दी जा रही है। जिन अभिभावकों ने बढ़ी हुई दर पर फीस जमा कर दी है, अतिरिक्त फीस को अगले माह में समायोजित कर लिया जाएगा।
सरकार नहीं कहती तो भी हम फीस न बढ़ाते
ऑल सेंट्स स्कूल के चेयरमैन त्रिलोक सिंह राणा का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में हर किसी को संकट का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में स्कूलों में फीस न बढ़ाए जाने के संबंध में सरकार का आदेश सराहनीय है। आदेश न भी हुआ होता तो इस बार हमारे स्कूल में फीस वृद्धि नहीं की जाती।
अभिभावकों के सामने है संकट
गायत्री पब्लिक स्कूल के प्रबंधक प्रद्युम्न चतुर्वेदी का कहना है कि लॉकडाउन की घोषणा हुए एक माह से ज्यादा समय हो गया हैं। ऐसे में तमाम अभिभावकों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। फीस वृद्धि न किए जाने के संबंध में सरकार के आदेश का पालन किया जाएगा।
इस सत्र में नहीं बढ़ाई जाएगी फीस
सुमित राहुल गोयल मेमोरियल स्कूल के प्रधानाचार्य रामानंद चौहान का कहना है कि फीस के संबंध में जारी शासनादेश का पालन किया जाएगा। चालू सत्र में छात्र-छात्राओं की फीस नहीं बढ़ाई जाएगी। शैक्षणिक सत्र 2019-20 में जिन कक्षाओं में जो फीस थी, चालू सत्र में भी वही रहेगी।
शासनादेश का पालन किया जाएगा
सेंट एंड्रयूज पब्लिक स्कूल के सीएमडी डॉ. गिरधर शर्मा का कहना है कि फीस के संबंध में जारी शासनादेश का पालन करते हुए चालू सत्र में फीस नहीं बढ़ाई जाएगी। अभिभावकों के सामने वास्तव में संकट की स्थिति है। वहीं, सरकार से वर्तमान परिस्थितियों में स्कूलों को कुछ सहूलियत देने की मांग जरूर की जाएगी।
हमने पहले से ही नहीं बढ़ाई अपने फीस
बलूनी पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. सीबी जदली का कहना है कि प्रदेश सरकार की ओर से शासनादेश जारी किए जाने के पहले ही स्कूल प्रबंधन ने चालू शैक्षणिक सत्र में फीस न बढ़ाने का निर्णय ले लिया था। फीस बढ़ाई भी नहीं गई है। संकट की इस परिस्थिति में स्कूल अभिभावकों के साथ खड़ा हुआ है।