आगरा में स्कूलों ने शुल्क के नाम पर मनमानी शुरू कर दी है। अभिभावकों की सहमति के बिना तीन माह की फीस ले ली जा रही है। लॉक डाउन में स्कूल बंद है, इसके बाद भी परिवहन शुल्क लिया जा रहा है। जबकि शासन ने शिक्षकों की सहमति के बिना इस समय शुल्क लिए जाने या दबाव बनाने पर रोक लगाई गई है। परिवहन शुल्क न लिए जाने के आदेश दिए गए हैं।
एक अभिभावक ने जिला विद्यालय निरीक्षक से शिकायत की है। उनकी बेटी शास्त्रीपुरम स्थित एक निजी स्कूल में कक्षा छह में पढ़ती है। अभिभावक की ओर से शुल्क जमा कराने के लिए बैंक मैंडेट दिया हुआ है। स्कूल प्रशासन ने अभिभावक से सहमति लिए बिना तीन माह का शुल्क जमा कर लिया है, शुल्क रसीद में परिवहन शुल्क को भी दर्शाया गया है।
शिकायतकर्ता ने मामले की जांच कराए जाने के साथ विद्यालय की ओर से अवैध रूप से काटे गए परिवहन शुल्क को वापस दिलाने और विद्यालय के विरुद्ध कार्यवाई किए जाने की मांग की है।