मैनपुरी। 11 महीने बाद सोमवार को कक्षा एक से पांच तक के स्कूल गुलजार हो गए। स्कूल पहुंचे बच्चों ने पहला दिन शिक्षकों और दोस्तों से मिलने में ही बिताया। साल भर के अनुभवों को वे एक दूसरे से साझा करते नजर आए। स्कूलों में बच्चे पहुंचे तो शिक्षकों के भी चेहरे खिल उठे। उन्होंने भी बच्चों का स्वागत किया।
ड्रेस पहने और पीठ पर स्कूल का बैग लटकाए बच्चे सड़कों पर चले जा रहे थे। लंबे समय बाद सड़कों पर सोमवार को ये नजारा देखने को मिला। दरअसल 11 माह के लंबे अंतराल तक स्कूल बंद रहने के कारण बच्चे घरों में ही रहे। सोमवार को सरकारी स्कूलों से लेकर निजी विद्यालयों तक छात्र-छात्राएं स्कूल पहुंचे। बच्चों में स्कूल जाने को लेकर अलग ही उत्साह था। दिन भर कोरोना काल और छुट्टियों की यादें वे एक दूसरे को बताते रहे।
वहीं दूसरी ओर शिक्षक भी स्कूल में बच्चों के पहुंचने पर खुश नजर आए। बीते लंबे समय से वे तो स्कूल आ रहे थे, लेकिन बच्चों के न आने से उन्हें समय काटना भी मुश्किल हो जाता था। उन्होंने बच्चों का स्वागत करने के साथ ही उन्हें अब पढ़ाई में मन लगाने के लिए भी कहा। परिषदीय स्कूलों में शासन के आदेश पर उत्सव मनाया गया। स्कूलों में सजावट की गई। वहीं बच्चों को टीका लगाकर फूल भेंट किए गए।
गेट पर ही हुई स्क्रीनिंग, दो गज की दूरी का कराया पालन
स्कूल पहुंचे बच्चों को कोविड-19 गाइड लाइन का पालन भी कराया गया। बच्चों की स्कूल के मुख्य गेट पर ही स्क्रीनिंग की गई। बच्चों के हाथों को सैनिटाइज कराया गया। इसके साथ ही बच्चों को मास्क लगाने और विद्यालय में दो गज की दूरी रखने के लिए भी कहा गया। हालांकि बच्चे साथियों के साथ खेलते हुए भी नजर आए।
निजी के साथ सरकारी स्कूलों में भी हुआ सम्मान
बरनाहल/ घिरोर। बच्चे स्कूल पहुंचे तो पहले दिन बच्चों का स्कूलों में जोरदार स्वागत किया गया। निजी स्कूलों के साथ ही परिषदीय स्कूलों में भी उत्सव का आयोजन हुआ। बच्चों का मंगल तिलक लगाकर स्वागत किया गया। बरनाहल के प्राथमिक विद्यालय बमटापुर में आयोजित उत्सव कार्यक्रम में बच्चों का स्वागत किया गया। यहां राम बहादुर सिंह, रोहित कुमार, दीपक मिश्रा, राजेंद्र कुमार, कुलदीप सिंह आदि मौजूद रहे। घिरोर के कन्या प्राथमिक विद्यालय में प्रेरणा ज्ञानोत्सव महोत्सव का आयोजन किया गया। अधिशासी अधिकारी नगर पालिका सुभाष चंद्र, प्रधानाध्यापक राजेश यादव, चेतना वर्मा और अमिता चौहान ने बच्चों को उत्साह वर्धन किया।
घर पर मोबाइल से होम वर्क करते-करते थक गया था। अब स्कूल में पढ़ाई का मौका मिला है। दोस्तों के साथ पढ़ाई करना अच्छा लग रहा है।
- दिव्यांश कुमार, कक्षा तीन, डॉॅ. किरन सौजिया स्कूल
मोबाइल पर पढ़ाई करना अच्छा लगा। अब स्कूल में सभी के साथ पढ़ाई करूंगी। स्कूल आने का इंतजार काफी समय से था।
- राधा कुमारी, कक्षा पांच, किरन सौजिया स्कूल
स्कूल बंद होने से पढ़ाई बाधित रही, विद्यालय खुल गए हैं अब पढ़ाई करूंगा। दोस्तों के साथ पढ़ाई करने और खेलने का इंतजार काफी समय से था।
- विजेंद्र सिंह कक्षा पांच, प्राथमिक विद्यालय देवी रोड
घर पर किताबें तो थीं, लेकिन पढ़ती किससे। अब सर और मैडम से किताबों को पढूंगी। स्कूल आने पर अच्छा लग रहा है।
- प्रीती कुमारी, कक्षा पांच, प्राथमिक विद्यालय देवी रोड