मैनपुरी। परिषदीय स्कूलों में किए गए ड्रेस वितरण की शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने 80 न्याय पंचायतों के लिए 80 अफसर नियुक्त किए हैं। शासन के निर्देश पर यह अफसर जिले के 2186 स्कूलों में ड्रेस वितरण की जांच करेंगे।
जिले के 2186 स्कूलों के एक लाख 36 हजार छात्र-छात्राओं को दो-दो ड्रेस वितरित किए जाने के निर्देश दिए गए थे। 30 सितंबर तक ड्रेस वितरण का काम पूरा होना था। ड्रेस स्थानीय एनजीओ से खरीदी जानी थी। इसके लिए टेंडर जारी करने के निर्देश दिए गए थे। आरोप है कि कई विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने बिना टेंडर जारी किए ही संस्था से साठगांठ कर ड्रेस वितरण करा दी। इससे ड्रेस मानक के अनुसार नहीं मिली।
लगातार हो रही शिकायतों के बाद शासन ने जिलाधिकारी को जिले में ड्रेस वितरण की जांच कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने इसके लिए न्याय पंचायत स्तर पर एक जांच अधिकारी नियुक्ति किया है। राजकीय और सहायता प्राप्त कॉलेजों के प्रधानाचार्यों और प्रवक्ताओं को जांच अधिकारी बनाकर जिले की सभी 80 न्याय पंचायतों में 80 जांच अधिकारी तैनात किए। जांच अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वह अपनी न्याय पंचायत के सभी स्कूलों में जांच कर तीन दिन के अंदर रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।
केस हिस्ट्री-एक
किशनी विकास खंड के कंपोजिट विद्यालय पहाड़पुर के निरीक्षण के दौरान जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता को ड्रेस वितरण में अनियमितता मिली थी। यहां टेंडर जारी होने से पहले ही विद्यालय में एक संस्था की ओर से भेजे गए ड्रेस के बंडल मिले थे। इस पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक इंद्रपाल सिंह से स्पष्टीकरण भी मांगा गया था।
केस हिस्ट्री-दो
जागीर विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय नगला भुदी में भी ड्रेस वितरण में अनियमितता मिली थी। यहां निरीक्षण के लिए पहुंचे डीसी सामुदायिक सहभागिता ने प्रधानाध्यापक राजेश कुमार से स्पष्टीकरण मांगा था। यहां ड्रेस की गुणवत्ता मानक के अनुुसार नहीं थी।
जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रत्येक न्याय पंचायत में ड्रेस वितरण के लिए एक-एक अधिकारी की नियुक्ति की गई है। जांच अधिकारियों को जल्द से जल्द जांच शुरू करके रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए