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UP: स्कूल चलो अभियान का हाल तो देखिए, परिषदीय विद्यालयों में सत्र शुरू; लेकिन बिना किताबों के कैसे होगी पढ़ाई

Fri, 10 Apr 2026 11:55 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

नए सत्र के बावजूद परिषदीय विद्यालयों में छात्रों को अब तक पूरी किताबें नहीं मिल पाई हैं। शिक्षा विभाग के दावों के विपरीत बच्चे बिना किताबों के पढ़ाई करने को मजबूर हैं, जिससे अभिभावक भी चिंतित हैं।
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स्कूल चलो अभियान - फोटो : AI
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विस्तार
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आगरा के परिषदीय विद्यालयों में नया शिक्षा सत्र शुरू हुए काफी समय बीत चुका है। लेकिन विभाग की सुस्त रफ्तार ने नौनिहालों के सामने संकट खड़ा कर दिया है। सरकार एक ओर स्कूल चलो अभियान के तहत नामांकन बढ़ाने पर जोर दे रही है तो दूसरी ओर हजारों विद्यार्थियों के हाथ अब तक खाली हैं। ये नई किताबों के अभाव में फटी-पुरानी किताबें या फिर खाली बस्ते के साथ स्कूल आने के लिए मजबूर हैं।
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शिक्षा विभाग की ओर से सत्र की शुरुआत में ही शत-प्रतिशत पाठ्यपुस्तक वितरण का दावा किया गया था। क्षेत्र के अधिकांश विद्यालयों में स्थिति इसके उलट है। किताबों की उपलब्धता न होने से अभिभावक भी परेशान हैं। अभिभावक सुशील कुमार का कहना है कि सरकार स्कूल चलो अभियान के माध्यम से बड़े-बड़े दावे कर रही है, धरातल पर मूलभूत सुविधाओं का अकाल है। बाजार में ये पुस्तकें मिलती नहीं और स्कूल से अब तक मिली नहीं। बिना किताबों के बच्चों का पाठ्यक्रम लगातार पिछड़ रहा है।
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यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) के जिला महामंत्री राजीव वर्मा ने बताया कि कई विद्यालयों में किताबों की आंशिक आपूर्ति तो हुई है, लेकिन अधिकांश विषयों की पुस्तकें अब तक नहीं मिली हैं। जब तक हर विषय की किताब बच्चे के हाथ में नहीं होगी, तब तक शिक्षण कार्य प्रभावी नहीं हो सकता।



 
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