मैनपुरी/करहल। डीएम महेंद्र बहादुर सिंह को शिकायत मिली कि प्राथमिक विद्यालय सूजापुर दो दिन से बंद है। उनके निर्देेश पर शुक्रवार को एसडीएम भोगांव पीसी आर्य ने जांच की। जांच के दौरान विद्यालय में ताला लटकता मिला। बच्चों को शिक्षामित्र आंगनबाड़ी केंद्र पर पढ़ाता मिला।
प्राथमिक विद्यालय सूजापुर की प्रधानाध्यापिका वंदना वर्मा दो दिन से स्कूल नहीं आ रही हैं। वहीं आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों को पढ़ा रहे शिक्षामित्र ने बताया कि विद्यालय की चाबी प्रधानाध्यापिका के पास ही है। इसके कारण विद्यालय नहीं खुल सका। बच्चों को यहीं पढ़ाया जा रहा है। डीएम ने बीएसए को निर्देश दिए कि प्रधानाध्यापिका को निलंबित किया जाए। उन्होंने बीएसए को निर्देश दिए कि प्रत्येक स्कूल में दो चाबियां होनी चाहिए। एक चाबी प्रधानाध्यापक के पास तो दूसरी चाबी शिक्षामित्र या शिक्षक के पास होनी चाहिए।
वहीं करहल में एसडीएम रतन वर्मा ने गांव तरा स्थित प्राथमिक विद्यालय का दिन में सवा बारह बजे निरीक्षण किया तो स्कूल बंद मिला। मौके पर मौजूद कुछ ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि सुबह सहायक अध्यापिका सुधा कुमारी व सहायक अध्यापक इन्द्र विक्रम सिंह ने आकर स्कूल को खोला तो था, लेकिन मौसम खराब होने के कारण बच्चों के नहीं आने से वे भी विद्यालय बंद करकेचले गये। एसडीएम ने रिपोर्ट डीएम को भेजी है। बीईओ रामशंकर कुरील ने बताया कि स्कूल पर तैनात एक सहायक अध्यापिका व एक सहायक अध्यापक ही वर्तमान में तैनात हैं। वे स्कूल बंद करके क्यों चले गए इसकी जांच की जा रही है।
एसडीएम घिरोर अनिल कुमार कटियार ने नाहिली के तीनों विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालयों के बच्चों से हिंदी व अंग्रेजी की किताब पढ़वाई। वे यहां शिक्षा के स्तर से संतुष्ट दिखे। विद्यालय का शौचालय टूटा हुआ मिला। इस पर ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यापक को शौचालय ठीक कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान प्राथमिक विद्यालय में 225 के सापेक्ष 144 व यूपीएस में 135 के सापेक्ष 90 बच्चे उपस्थित मिले।