सिर से खून बहने से सारे कपड़े भी लथपथ थे। पांच साल की आशीन दर्द से कराह रही थी। मां को देख आशीन बार-बार हाथ आगे कर गोद में जाने की कोशिश करती, लेकिन उसकी मां कंचन की बेबसी देखिए कि नन्हीं जान को छाती से भी नहीं लगा पा रही थी।
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दूर से ही दुलार करती मां कंचन के आंसू फूट पड़े। ये मार्मिक दृश्य देख हर किसी की आंख नम हो गई। दुर्घटना में शिक्षक कंचन भी घायल हो गई थी। उसके कमर, हाथ-पैरों पर चोटें आई, उनकी बेटी के सिर में गंभीर चोट लगी थी।
कंचन ने बताया कि पति अश्वनी कुमार सेना में हैं और जम्मू में तैनात हैं। स्कूल में शिक्षक हैं, बच्ची को साथ लेकर आई। बेटी की हालत देख उनका दिल बैठा जा रहा था।
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बार-बार डाक्टरों से वह अपनी बेटी की कुशलक्षेम पूछती, कहती मेरी बेटी को कुछ होगा तो नहीं। उनकी ये तड़प देख चिकित्सकों ने बच्ची का पलंग उनके पास खिसकवाया।
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पापा से बात करा दो...
बच्चों की अभिभावकों से बात कराते पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
छह साल का हिमांशु और 12 साल की प्रांजल भी बुरी तरह से जख्मी थे। ड्रेसिंग के बाद उनको वार्ड में शिफ्ट किया तो वह बार-बार यही कहते कि पापा से बात करा दो...। इस पर उनके पिता का फोन नंबर लगाकर बात कराई।
फोन पर ही प्रांजल फफकने लगी। हिमांशु का भी यही हाल रहा। दूसरी ओर फोन पर अभिभावक भी घबरा गए। डाक्टरों ने परिवारीजनों से बात कर सबकुछ ठीक होने की बात कहकर सांत्वना दी।
सर्जरी विभाग में बनाया इमरजेंसी वार्ड
बच्चे का हाल जानते एएसपी श्लोक कुमार
- फोटो : अमर उजाला
सड़क हादसे में घायलों के लिए एसएन मेडिकल कालेज के सर्जरी विभाग की नई इमारत में अलग से इमरजेंसी वार्ड बनाया गया। इसमें हड्डी, सर्जरी, बाल रोग, फिजीशियन, प्लास्टिक सर्जरी विभाग के चिकित्सकों का पैनल बनाकर ड्यूटी लगाई गई है।
विभागाध्यक्षों को इसकी मानीटरिंग करने को निर्देशित किया गया। एसआईसी डा. अजय अग्रवाल ने बताया कि दुर्घटना में घायल जो भी यहां आ रहे हैं, उनके लिए विशेषज्ञों की टीम इलाज में लगी हुई है।
घायलों का हाल जानने के लिए एससी आयोग के अध्यक्ष डा. रामशंकर कठेरिया एसएन इमरजेंसी पहुंचे। उन्होंने चिकित्सकों से इलाज में किसी भी तरह की कोताही न बरतने के निर्देश दिए।
साथ ही उन्होंने गंभीर मरीजों के दिल्ली या फिर अन्य अस्पताल में ले जाने की जरूरत तो नहीं है, इसके बार पूछा। डाक्टरों ने सभी का बेहतर ढंग से इलाज किए जाने की बात कही।
उन्होंने डाक्टरों को चेताया कि दूसरे राज्य के बच्चों का मामला है, आगरा और उत्तर प्रदेश की साख का सवाल है, किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए।