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9.39 लाख के घोटाले में प्रधान के अधिकार सीज

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मैनपुरी। घोटालेबाज प्रधानों पर कार्रवाई की सूची में एक और नाम जुड़ गया है। किशनी के शमशेरगंज में घोटाला करने वाले ग्राम प्रधान के जिलाधिकारी ने अधिकार सीज कर दिए हैं। यहां उप निदेशक पंचायतीराज आगरा मंडल की जांच में लाखों का गबन पाया गया था। इसके बाद ये कार्रवाई की गई है।
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शासन से उप निदेशक पंचायत राज आगरा मंडल परवेज आलम खान को तकनीकी परीक्षण के लिए मैनपुरी की दो ग्राम पंचायतें आवंटित की गई हैं। इनमें विकास खंड किशनी की ग्राम पंचायत शमशेरगंज और विकास खंड घिरोर की ग्राम पंचायत कोसमा हिनूद शामिल है। नौ जनवरी को जब उप निदेशक गांव शमशेरगंज पहुंचे तो परीक्षण के दौरान उन्हें सब कुछ ठीक नहीं लगा। इसके बाद उन्होंने दोबारा फिर 22 जनवरी को अभिलेखों का गहनता से सत्यापन के बाद गांव का निरीक्षण किया तो ये पक्का हो गया कि कहीं न कहीं प्रधान और सचिव ने गड़बड़ी जरूर की है। इसके बाद पांच जुलाई को उप निदेशक गांव में पहुंचे। सत्यापन करने पर पता चला कि गांव में इंटरलॉकिंग के बिना ही धनराशि निकाल ली गई है। जबकि कार्य मौके पर नहीं है। इसके अलावा खड़ंजा और नाली निर्माण का रुपया दोबारा निकाला गया है। तकनीकी परीक्षण पर इनमें कुल नौ लाख 39 हजार का घोटाला सामने आया था। डीडी पंचायती राज की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान सुशील कुमार के अधिकार सीज कर दिए हैं। साथ ही प्रधान और सचिव से धनराशि की आधी-आधी रिकवरी करने के आदेश दिए हैं।
ग्राम पंचायत शमशेरगंज में विकास कार्यों के नाम पर लाखों नहीं करोड़ों रुपये की धनराशि आहरित की गई। ग्राम प्रधान सुशील कुमार और पंचायत सचिव धनवेश कुमार ने वर्ष 2016-17 में 52 लाख, वर्ष 2017-18 में 65 लाख और वर्ष 2018-19 में 57 लाख की धनराशि आहरित की। इसमें से 9.39 लाख की धनराशि का गबन किया गया।
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ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव ने सरकारी धनराशि का गबन बड़ी होशियारी से किया था, लेकिन फिर भी जांच में वह फंस गए। उन्होंने 1.60 लाख रुपये के विकास कार्य वर्ष 2016-17 व 2017-18 में एक ही दिखाए थे। वहीं वर्ष 2018-19 में 6.65 लाख की लागत से दिखाया गया कार्य मौके पर नहीं मिला। इसके अलावा 1.13 लाख रुपये का कार्य न तो अभिलेखों में दिखाया गया और न ही कराया गया, लेकिन धनराशि आहरित कर ली गई। इस तरह कुल 9.39 लाख का गबन किया गया।
अब तक ग्राम पंचायतों में जितने भी घोटाले खुले हैं, उनमें किसी न किसी व्यक्ति द्वारा शिकायत की गई है। बिना शिकायत के पंचायत राज विभाग कोई कार्रवाई नहीं करता है। फिर चाहे करोड़ों का ही गबन क्यों न हो, लेकिन ऐसा पहली बार हुआ था कि बिना किसी की शिकायत के डीडी पंचायत राज ने खुद जांच कर लाखों का घोटाला खोला था।
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जिलाधिकारी के आदेश पर ग्राम प्रधान शमशेरगंज के अधिकारी सीज किए गए हैं। यहां सरकारी धनराशि का घोटाला पाया गया था, जिसके आधार पर कार्रवाई हुई है।
स्वामीदीन, डीपीआरओ।
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