कासगंज। पटियाली की ग्राम पंचायत रानीदामर में सचिव ने मिली भगत करके पांच लाख रुपये की धनराशि मजदूरों में वितरित करने की जगह ग्रामी प्रधान को हस्तांतरित कर दी। शिकायत मिलने पर पंचायती राज विभाग ने जांच के लिए दो टीमों का गठन कर दिया है।
शासन से ग्राम पंचायत में विभिन्न योजनाओं के तहत होने वाले विकास कार्यों के लिए धनराशि हस्तांतरित की गई है। इस धनराशि से ग्राम पंचायत में विकास कार्य करने के साथ ही मजदूरी का भी भुगतान करना था। लेकिन ग्राम पंचायत के सचिव ने प्रधान से सांठगांठ करके विकास कार्य कराने में मजदूरों को पर्याप्त रोजगार के अवसर नहीं दिए।
मजदूरों की संख्या में फर्जीवाड़ा कर दिया और मजदूरी के भुगतान के लगभग 5 लाख रुपये ग्राम प्रधान के निजी खाते में हस्तांतरित कर दिए। इस मामले की भनक लगते ही शिकायत जिला पंचायतराज अधिकारी से की गई। उन्होंने मामले की जानकारी सीडीओ को दी। मुख्य विकास अधिकारी ने जिला प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. अजीत सिंह एवं पटियाली के खंड विकास अधिकारी मनीष वर्मा को जांच सौंपी है।
मजदूरी के धन को ग्राम प्रधान के खाते में भेेजे जाने की शिकायत मिलने के बाद मुख्य विकास अधिकारी ने दो सदस्यीय जांच समिति का गठन की है। रिपोर्ट आने पर जो भी इसमें दोषी पाया जाएगा उस पर कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. शहनाज अंसारी, जिला पंचायतराज अधिकारी।