एटा के विकासखंड अवागढ़ की ग्राम पंचायत वसुंधरा में भी पीएम आवास योजना के तहत अपात्रों को आवास देने का खेल किया गया है। यहां पर पात्र गरीब महिला को आवास देने की जगह अपात्रों को लाभ दिया गया है। वहीं जांच अधिकारियों की जांच में अब तक पूरे जिले में 169 अपात्रों को आवास देने का मामला भी सामने आ चुका है।
ग्राम पंचायत वसुंधरा में ग्राम प्रधान व सचिव की मिलीभगत से पात्र लाभार्थी को आवास आवंटित नहीं किया गया। यह आरोप एक महिला ने लगाया है। ग्राम पंचायत की रहने वाली कुसमा का कहना है कि वह बेहद गरीब हैं। उसका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची में था, लेकिन इससे हटा दिया गया। जबकि प्रधान के रिश्तेदार पुष्पेंद्र कुमार पुत्र विजय पाल सिंह निवासी वसुंधरा और ऊषा देवी पत्नी धर्मपाल सिंह निवासी नौहारी को आवास दे दिया गया। इन लोगों के पक्के मकान बने हुए हैं।
शिकायतकर्ता ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। वहीं मुख्य विकास अधिकारी एके वाजपेयी ने इस मामले की जांच कराने का आश्वास दिया है। उधर, जिले की सभी ग्राम पंचायत में दिए जाने वाले पीएम आवास (ग्रामीण) के मामले को लेकर जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने 30 अधिकारी नामित किए हैं, जिनके द्वारा ऐसी ग्राम पंचायत जिसमें 20 से अधिक आवास आवंटित किए गए हैं, उनकी जांच की जा रही है। 20 अधिकारियों ने जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है, जिसके अनुसार 169 अपात्रों को आवास आवंटित किया गया है।
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पहली किश्त की हुई रिकवरी
विकास खंड निधौली कलां में सात, मारहरा में छह, जैथरा में 51, सकीट में 37, अलीगंज में 68 लोग अपात्र पाए गए हैं। जिनसे पहली किश्त की रिकवरी कर ली गई है। मुख्य विकास अधिकारी एके वाजपेयी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार पीएम आवास ग्रामीण आवंटन की जांच की जा रही है। 20 अधिकारियों द्वारा जांच कर ली गई है जिसमें 169 अपात्रों को आवास दिया गया था। शेष अधिकारियों द्वारा भी जांच जल्दी ही पूरी कर ली जाएगी।