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बिजली विभाग में घोटाला : अधीक्षण अभियंता निलंबित

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आगरा। बिजली विभाग के फतेहाबाद खंड में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। 30 करोड़ रुपये से ज्यादा के टेंडर बिना प्रक्रिया पूरी किए जारी कर दिए गए। तीन साल तक चले इस खेल का विभागीय जांच के बाद खुलासा हुआ तो दक्षिणांचल के एमडी नितीश कुमार ने अधीक्षण अभियंता रविकांत मिश्रा को निलंबित कर दिया है।
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दरअसल, निविदा में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद विभाग ने पिछले साल 1 नवंबर को फतेहाबाद में तैनात बाबू नीरज पाठक और 10 नवंबर को सतीश कुमार को निलंबित किया था। इसके बाद एक्सईएन राज कुमार की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर निविदाओं की जांच कराई। साल 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के दौरान की निविदाओं की जांच की गई।
31 दिसंबर को मुख्यालय को मिली जांच रिपोर्ट के अनुसार आरोपियों ने आठ निविदाएं बिना किसी प्रक्रिया का पालन किए ही ठेकेदार को आवंटित कर दीं। चार टेंडर ऑनलाइन पोर्टल पर निरस्त कर दिए लेकिन उन्हें आवंटित करा दिया। 30 करोड़ से ज्यादा के 40 टेंडर बिना ऑनलाइन पोर्टल पर प्रकाशित कराए ही आवंटित करा दिए।
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यही नहीं, कई टेंडरों में तो सबसे कम निविदा लगाने वाले की निविदा बढ़ाकर चहेते ठेकेदार को ठेका दिला दिया। आरोप है कि तीन साल के दौरान बाबू और लेखाकार की बनाई फाइलों पर वहां तैनात रहे एसई वीके सिंह, अरविंद पांडेय, दूधनाथ प्रसाद और रविकांत मिश्रा आंख मूंदकर हस्ताक्षर करते रहे।
घपला सामने आने के बाद विभाग ने सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए भी पुलिस को तहरीर दी है। बता दें, वीके सिंह और अरविंद पांडेय सेवानिवृत्त हो चुके हैं जबकि दूधनाथ प्रसाद पहले ही एक मामले में निलंबित चल रहे हैं।
मुख्य अभियंता आगरा कपिल सिंधवानी ने बताया कि विभागीय जांच के आधार पर एमडी ने अधीक्षण अभियंता रविकांत मिश्रा को निलंबित कर दिया है। जांच के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
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