मैनपुरी के थाना बरनाहल में आरएसएस के प्रांत सह बौद्धिक प्रमुख और उसके पुत्र सहित चार लोगों के खिलाफ छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोप है कि ग्रामसभा की जमीन पर खोदाई के दौरान आरोपियों ने अनुसूचित जाति की किशोर के साथ छेड़छाड़ की।
बुधवार को इससे गुस्साए भाजपाइयों ने थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया। दबाव में आई पुलिस ने प्रांत सह बौद्धिक प्रमुख की तहरीर पर दूसरे पक्ष के खिलाफ डकैती की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। इस बीच करीब एक घंटे तक थाने में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
पीड़ित पक्ष के अनुसार आरएसएस के प्रांत सह बौद्धिक प्रमुख सतीश निवासी ग्राम कैलाशपुर करहल अपने भाई जयदेव और सहदेव तथा पुत्र गनेश के साथ बुधवार सुबह ग्रामसभा की जमीन पर जेसीबी से मिट्टी का खनन करा रहे थे।
पीड़ित पक्ष ने दर्ज कराई रिपोर्ट
आरोप है कि इस दौरान शौच के लिए गई अनुसूचित जाति की किशोरी के साथ आरोपियों ने छेड़छाड़ की। किशोरी के शोर मचाने पर मौके पर ग्रामीण पहुंच गए। इस पर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकले। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने छेड़छाड़, पॉक्सो एक्ट और एससी-एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की है।
संघ पदाधिकारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी होते ही बुधवार को भाजपा जिलाध्यक्ष आलोक गुप्ता के नेतृत्व में कार्यकर्ता बरनाहल थाने पहुंच गए। आरोप है कि भाजपा नेताओं ने थाने का घेराव करते हुए पुलिस पर पीड़ित पक्ष के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का दबाव बनाया।
इसके बाद पुलिस ने प्रांत सह बौद्धिक प्रमुख की तहरीर पर किशोरी के पिता सहित पांच लोगों के खिलाफ डकैती और मारपीट की रिपोर्ट दर्ज की है। आरोप है कि बुधवार सुबह चालक जेसीबी की निजी नलकूप पर धुलाई कर रहा था।
किशोरी के पिता पर भी आरोप
इसी बीच किशोरी के पिता सहित पांच लोग बंदूक और तमंचा लेकर आए और गाली गलौज करते हुए मारपीट की। ट्रैक्टर का टायर फाड़ने के साथ ही जेसीबी चालक देवी निवासी नगला सेवाराम की पिटाई की। साथ ही उससे साढ़े तीन सौ रुपये तथा उसके पुत्र गनेश के गले से सोने की चेन लूट ली। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद ही करीब एक घंटे बाद भाजपाई थाने से हटे।
आरोपियों को छुड़ाने का लगाया आरोप
किशोरी पक्ष ने भाजपा नेताओं पर आरोपी संघ पदाधिकारी और उसके पुत्र को पुलिस हिरासत से छुड़ाने का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेने की बात से इनकार किया है। उनका कहना है कि ग्रामीणों ने आरोपियों को घेर लिया था। पुलिस ने उन्हें मुक्त कराया था। फिलहाल जांच की जा रही है।
सीओ करहल अशोक कुमार ने बताया कि दोनों पक्ष की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। मैं स्वयं पूरे मामले की जांच करूंगा। किसी भी निर्दोष व्यक्ति पर कार्रवाई नहीं होगी। आरोपियों को थाने से छुड़ाने की बात गलत है, पुलिस ने किसी को हिरासत में लिया ही नहीं था।