सुभासपा प्रत्याशी की याचिका सुनवाई के लिए हाईकोर्ट में मंजूर कर ली गई है। सुभासपा प्रत्याशी रमाकांत कश्यप का कहना है कि प्रशासन ने उनका नामांकन नियम विरुद्ध तरीके से निरस्त कर दिया है। प्रशासन ने सत्ता के दबाव में उनका नामांकन मनमाने तरीके से निरस्त किया है।
'प्रशासन ने जान-बूझकर निरस्त किया नामांकन'
सुभासपा के प्रदेश अध्यक्ष प्रेमचंद्र कश्यप ने कहा कि भाजपा को जिताने के लिए प्रशासन ने जान-बूझकर सुभासपा प्रत्याशी का नामांकन निरस्त कर दिया है। सत्ता के दबाव में आकर प्रशासन लोकतंत्र की हत्या कर रहा है। प्रशासन के निर्णय को चुनौती देकर हाईकोर्ट में सुभासपा प्रत्याशी ने याचिका दायर की है। दायर की गई याचिका सुनवाई के लिए मंजूर कर ली गई है।