सेंट्रल ब्यूरो नारकोटिक्स (एसबीएन) बरेली ने नुनिहाई में जब्त की नारकोटिक्स श्रेणी की दवा निर्माता कंपनियों को नोटिस भेजा है। इसमें कंपनियों से दवाओं के निर्माण, बिक्री समेत अन्य की रिपोर्ट तलब की है। अगर कंपनियां ने ये दवाएं नहीं बनाई हैं तो नकली भी होने की आशंका है। दो फर्म के संचालकों को बरेली बयान दर्ज कराने भी बुलाया है।
एत्माउदौला थाना प्रभारी ने बताया कि एसबीएन बरेली की टीम ने बीते शनिवार को नुनिहाई में 30 लाख रुपये की नारकोटिक्स श्रेणी की दवाएं ऑटो में लेकर जाते हुए बेलनगंज निवासी गौरव अग्रवाल को पकड़ा था। इसमें कफ सिरप, नींद की टैबलेट, इंजेक्शन भरे हुए थे। हॉकर ने फव्वारा स्थित टेनिस फार्मा के यहां कार्य करने की जानकारी दी।
इसका संचालक कमला नगर निवासी गोविंद अग्रवाल है। इसकी दुकान और घर पर छापे के वक्त नहीं मिला है। हॉकर को जेल भे दिया और दवाओं के नमूने लिए। इन दवाओं पर दर्ज निर्माता कंपनी से भी टीम जानकारी जुटा रही है। इसके लिए बैच नंबर, दवा का नाम, कीमत समेत अन्य जानकारी का नोटिस बनाकर कंपनियों को भेजा है। इसमें निर्माता कंपनियों से पूछा है कि ये दवाएं आपके यहां बनी हैं। हां तो ये दवाएं कहां बेची गईं, किस डीलर को भेजी गईं। इसकी जानकारी दी जाए। अगर ये दवाएं आपकी कंपनी में नहीं बनी हैं तो भी जानकारी दें। इससे नारकोटिक्स श्रेणी की दवाओं की कालाबाजारी के सदस्य पकड़ में आ सकेंगे।
पांच दिन बाद भी मुख्य सरगना फरार
एसबीएन की टीम की जांच में नारकोटिक्स श्रेणी की दवाओं का नशे के लिए कालाबाजारी की जा रही है। इसमें टीम ने हॉकर को पकड़ लिया है, लेकिन मुख्य सरगना और इसके अन्य सदस्य पांच दिन बाद भी पकड़ से दूर हैं। दवाओं की कहां-कहां खरीद और बिक्री की जा रही थी, इसकी भी अभी जांच चल रही है। टीम को बड़े गिरोह होने की आशंका है।
दो फर्म संचालकों को बयान के लिए किया तलब
सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि एसबीएन टीम ने चार दिन तक आगरा में रहकर जांच की। इस कड़ी में हॉकर से पूछताछ में फव्वारा स्थित टेनिस फार्मा और उमेश मेडिकल स्टोर की जानकारी दी है। इनके संचालकों को भी बरेली में बयान दर्ज कराने के बुलाया है। इनके यहां नोटिस भी चस्पा कर दिया है।