सावन का दूसरा सोमवार पर शिवभक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। लाखों श्रद्धालु 43 किलाेमीटर लंबी परिक्रमा पूरी कर महाकालेश्वर मंदिर में हाजिरी लगाते हैं। लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही महादेव के भक्तों की आस्था को ठेस पहुंचा रही है। शिवभक्त अंधेरे और कीचड़ भरे रास्तों से आस्था की डगर पूरी करेंगे। श्रद्धालुओं का आरोप है कि कई बार शिकायत के बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया गया है।
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वनखंडी महादेव मंदिर के आसपास का लगभग 10 किलोमीटर लंबा रास्ता अभी भी कच्चा है। इसके साथ ही, इस जंगल से होकर गुजरने वाले रास्ते पर रात के समय रोशनी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इससे शिव भक्तों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही कई जगह पक्का मार्ग भी जर्जर हालत में है जिसे बनवाने की मांग की गई है।
वनखंडी महादेव मंदिर के महंत बाबा बिजेंद्र और बाबा सोमवीर ने बताया कि उन्होंने सावन के महीने में लगने वाली इस विशाल परिक्रमा के मार्ग पर रात के समय लाइट लगवाने के लिए कई बार जिले के अधिकारियों को पत्र लिखा है, लेकिन अभी तक इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि मेले से पहले रास्ते को बुलडोजर से साफ तो करा दिया, लेकिन बारिश के कारण कच्चे रास्ते पर अभी भी जलभराव और गंदगी का अंबार लगा हुआ है। इससे विशेषकर रात के समय परिक्रमा करने में परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।