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350 साल पुराना है मोटे महाराज शिव मंदिर

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मैनपुरी। आगरा रोड स्थित मोटे महाराज शिव मंदिर से श्रद्घालुओं की आस्था जुड़ी है। वर्ष भर पूजा-अर्चना के लिए यहां बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। कोरोना महामारी के कारण इन दिनों मंदिर के कपाट बंद हैं। मंदिर करीब 350 साल प्राचीन है।
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महाराजा तेजसिंह के पूर्वजों ने वर्ण व्यवस्था के आधार पर इस मंदिर का निर्माण कराया था। मंदिर में मूंछों वाले भगवान शंकर की प्रतिमा स्थापित कराई थी। ऐसी प्रतिमा आसपास के किसी जिले में नहीं है। वर्ष 1952 से पहले समाज के 13 लोगों की कमेटी मंदिर की देखभाल करती थी। 1952 में कमेटी ने तहसीलदार कोर्ट में मंदिर की देखभाल करने के लिए राजाराम अंबेश का मंदिर का सरवराकार बना दिया था।
राजाराम बताते हैं कि हर सोमवार को लोग पूजा करने के लिए आते हैं। इस साल कोरोना महामारी के कारण सावन के महीने में मंदिर के कपाट बंद रहे। केवल पुजारी ही पूजा-अर्चना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के बुजुर्गों के अनुसार अंग्रेजों से लड़ने के लिए जाते समय राजा तेज सिंह इस मंदिर में पूजा करने आए थे।
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सावन के अंतिम सोमवार को भी घर पर ही होगी पूजा
इस साल सावन के महीने में पांच सोमवार पड़े। भक्तों को शिव मंदिरों में दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त नहीं हो सका। कोरोना महामारी के कारण जिला प्रशासन ने अंतिम सोमवार को भी शिवालयों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। भक्तों को घरों में ही पूजा करनी होगी।
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