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सावन का पहला सोमवार आज, ऐसे करें भगवान शिव की आराधना

Mon, 30 Jul 2018 10:35 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला सोरों (कासगंज)
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भगवान शिव की पूजा करतीं महिला श्रद्धालु
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पावन सावन माह को पहला सोमवार आज है। तीर्थनगरी सोरों में शिवालयों में भगवान शिव की आराधना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। गंगाजल से अपने आराध्य का जलाभिषेक कर रहे हैं।   
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श्रद्धालुओं के पूजा अर्चना के कार्यक्रमों को देखते हुए मंदिरों में भी विशेष तैयारियां की गई हैं। तमाम श्रद्धालु द्वारा उपवास रखकर रुद्राभिषेक व भगवान शिव के अनुष्ठानों के कार्यक्रम किए जा रहे हैं।   

वहीं कासगंज के भूतेश्वर मंदिर, चामुंडा के शिव मंदिर, प्रभुपार्क मनकामेश्वर मंदिर, मालगोदाम चौराहा मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भी सुबह से ही भक्तों की कतार लगी है। बम बम भोले के जयकारे गूंज रहे हैं।  
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ऐसे करें शिव की आराधना

सावन के सोमवार के व्रत वाले दिन सूर्योदय से पहले उठे। दैनिक कार्यों से निवृत होकर नहा धोकर शुद्ध सफेद रंग के कपड़े पहनें। भगवान शिव की पूजा यदि घर में करनी हो तो पूजा का स्थान साफ करके गंगा जल छिड़ककर शुद्ध कर लें। 

इसके बाद शिव जी की मूर्ति या तस्वीर को स्थापित करके साफ आसन पर बैठकर पूजा करें। घर में सिर्फ पारद या नर्मदेश्वर शिवलिंग की पूजा करनी चाहिए। बाहर मंदिर में पूजा करने जाना हो तो पूजा का सामान ढककर ले जाएं। संभव हो तो मंदिर में भी शुद्ध आसन पर बैठ कर पूजा करे। पूजा करते समय आपका मुंह पूर्व या उत्तर दिशा में रखें।  
      
शिव पूजा की सामग्री 
    
जल कलश, गंगा जल, कच्चा दूध, दही, घी, शहद, चीनी, केसर, वस्त्र, चंदन, रोली, चावल (अक्षत) फूलमाला, फूल, जनेऊ, इत्र, बेलपत्र, आंक, धतूरा, भांग, कमल गट्टा, पान, लौंग, इलायची, सुपारी, धूप, दीप, अगरबत्ती, माचिस, कपूर, फल, मेवा, मिठाई, नारियल, दक्षिणा के पैसे आदि।
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शिव पूजा की विधि

- पूजा के लिए सबसे पहले पूजा के सामान को यथास्थान रख दें।      
- अब भगवान शिव का ध्यान करके तांबे के बर्तन से शिवलिंग को जल से स्नान कराएं।      
- गंगा जल से स्नान कराएं।      
- इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से स्नान कराएं। इनके मिश्रण से बनने वाले पंचामृत से भी स्नान करा सकते हैं।      
- इसके बाद सुगंध स्नान के लिए केसर के जल से स्नान कराएं।       
- चंदन आदि लगाएं।      
- अब मौली, जनेऊ, वस्त्र आदि चढ़ाएं।      
- अब इत्र और पुष्प माला, बेलपत्र आदि चढ़ा दें। बेलपत्र 5, 11, 21, 51 आदि शुभ संख्या में लें। बेलपत्र चढ़ाने से रोगों से मुक्ति मिलती
है।      
- आंकड़े और धतूरे के फूल चढ़ाएं। शिव जी को सफ़ेद रंग अतिप्रिय है क्योंकि ये शुद्ध, सौम्य और सात्विक होता है। आंकड़ा और धतूरा
चढ़ाने से पुत्र का सुख मिलता है। 
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