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प्रदूषण और धुंध से कहीं धुंधली न हो जाए 'नजर', ऐसे करें आंखों की हिफाजत

Thu, 07 Nov 2019 12:17 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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नेत्र परीक्षण करतीं डॉक्टर - फोटो : अमर उजाला
प्रदूषण के कारण धूल के कण आंखों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। आंखों में जलन, खुजली और पानी आने की समस्या हो रही है। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग में आने वाले हर तीसरे मरीज को यह परेशानी हो रही है। लगातार ऐसी स्थिति पर चिकित्सक कॉर्निया में संक्रमण का खतरा बता रहे हैं।
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नेत्र रोग विभाग में मरीजों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
नेत्र रोग विभाग में 235 मरीज आए, इनमें से 72 मरीजों में धुंध के चलते दिक्कत आई। इनमें बच्चे और कामकाजी लोग ज्यादा रहे। चिकित्सकों की जांच करने पर बच्चों की आंखों में दिक्कत ज्यादा मिली। 
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नेत्र परीक्षण करतीं डॉक्टर - फोटो : अमर उजाला
नेत्र रोग विभाग की डॉ. स्निग्धा सेन ने बताया कि प्रदूषण और धूल के अति सूक्ष्म कण आंखों में पहुंचने के बाद यह गंदे हाथों से रगड़ने से ज्यादा परेशानी मिली, इसमें बच्चे अधिक हैं। इससे आंखें लाल होना, कुछ देर के लिए धुंधला दिखने की भी परेशानी देखी गई। 

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नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. हिमांशु यादव ने बताया कि वातावरण में धूल, धुआं समेत अन्य हानिकारक तत्व भी हैं, लंबे समय तक ऐसा रहने से कॉर्निया संक्रमित होने का खतरा है।
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वातावरण में छाई धुंध - फोटो : अमर उजाला
हेलमेट, चश्मे का प्रयोग करें
हेलमेट से जान की सुरक्षा के साथ ही प्रदूषण से आंखों का भी बचाव होता है। चिकित्सक सलाह देते हैं कि हेलमेट के शीशे से प्रदूषित हवाएं आंखों से टकराती नहीं हैं। सामान्य रूप से भी घर से बाहर जाते वक्त चश्मा लगाकर निकलें।
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मास्क पहने पर्यटक - फोटो : अमर उजाला
ये सावधानी भी बरतें
- आंखों में प्रदूषित कण जाने पर उसे रगड़ें नहीं, कॉर्निया को हाथों से दबाएं नहीं।
- प्रदूषित कण जाने पर साफ पानी से आंखों को धोएं, इससे पहले हाथ साफ कर लें।
- जलन, खुजली होने पर चिकित्सकीय परामर्श से ही आई ड्रॉप डालें।
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