आगरा की जेल में बंद सट्टा किंग श्याम बोहरा की जमानत अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी। उस पर सरकारी काम में बाधा, जुआ, जालसाजी की धाराओं केस है। इस केस में उसका बेटा वत्सल, पत्नी राखी, भतीजा प्रतीक, साला कौशल भी नामजद हैं।
इनके अतिरिक्त एक और रिश्तेदार चंद्रेश है। दो दोस्त हैं, जो लंबे समय से सट्टा कर रहे हैं। ये हैं शैलेष उर्फ विक्की और अंकित। इस केस में बाद में जानलेवा हमला की धारा बढ़ाई गई है। आरोप है कि श्याम बोहरा ने पुलिस पर हमला किया था।
जिला एवं सत्र न्यायधीश अनिल कुमार पुण्डीर ने बोहरा की जमानत अर्जी खारिज कर दी। उधर, इस केस में पुलिस ने 70 और लोगों के नाम खोले हैं लेकिन इनके खिलाफ यह तय नहीं हो पाया है कि इन पर कार्रवाई किस धारा में की जाएगी।
आरोपियों को नहीं हुई गिरफ्तारी
इसे तय करने के लिए जांच जारी है। फरार चल रहे श्याम बोहरा के परिजनों, रिश्तेदारों और दोस्तों की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इसे लेकर पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि ये लोग शहर में ही आराम से रह रहे हैं।
वहीं सट्टा किंग श्याम बोहरा के साथ मुकदमे में नामजद सटोरियों की आवाज के नमूने पुलिस ने परीक्षण के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला में भेजे हैं। इसकी रिपोर्ट सात दिन में आने की संभावना है।
इसके लिए इन सभी की आवाज के नमूने फिर से लिए जाएंगे। इसके लिए इन्हें नोटिस जारी किया जाएगा। श्याम बोहरा के साथ केस में 70 सटोरिए नामजद किए गए थे, इनमें श्याम बोहरा के परिवार के लोग भी शामिल हैं।
70 से ज्यादा लोगों को नेटवर्क
इनके अतिरिक्त इसके साथ नोएडा में पकड़े गए सटोरिए भी हैं। सटोरियों की श्याम बोहरा से फोन पर जो बातचीत हुई, पुलिस ने उसकी
वायस रिकॉर्डिंग निकलवा ली थी। इसे अलग-अलग किया गया।
70 में से आधे से ज्यादा लोग श्याम बोहरा से फोन पर बातचीत के जरिए संपर्क में पाए गए। इन सभी की फोन से ली कई वायस रिकॉर्डिंग को परीक्षण के लिए भेजा गया है। इसमें देखा गया है कि आवाज के साथ किसी तरह की छेड़खानी की तो नहीं की गई है।