आगरा मेट्रो रेल का जामा मस्जिद स्टेशन स्टेशन पुराने बिजलीघर में बनेगा। इसके साथ ही यहां मेट्रो कार्यालय और स्टाफ के कर्मचारियों के लिए भवन भी बनाए जाएंगे। इसके अलावा आगरा किला स्टेशन किले के ठीक सामने और ताजमहल स्टेशन, शाहगंज गार्डन पर बनेगा। इन तीनों स्टेशनों के लिए गुरुवार को जमीन का सर्वे किया गया।
मेट्रो रेल परियोजना के तहत दूसरे दिन लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन (एलएमआरसी) और सदर तहसील की टीम ने जमीन का सर्वे किया। इस दौरान जामा मस्जिद स्टेशन के लिए जब मस्जिद के आसपास जगह देखी गई, लेकिन यहां इतनी जगह उपलब्ध नहीं थी। बाद में टीम पुराना बिजलीघर पहुंची। यहां स्टेशन और कार्यालय के लिए उपयुक्त जगह थी।
लगभग 7 हजार वर्ग मीटर जमीन पर यहां मेट्रो का काम होगा। इसके साथ ही आगरा किले के सामने मंदिर के पास स्टेशन के लिए जगह चिह्नित की गई है। ये दोनों जमीन रक्षा संपदा विभाग की हैं। ताजमहल नाम से बनने वाला मेट्रो स्टेशन, शाहजहां गार्डन पर बनेगा। इसके लिए भी जमीन की नापजोख की गई। मेट्रो रेल के ये तीनों स्टेशन अंडरग्राउंड होंगे।
मार्टिन बर्न ने 1933 में लगाया था बिजलीघर
आगरा इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी के पास 1923 में आगरा में बिजली वितरण की जिम्मेदारी थी, लेकिन दस साल बाद 1933 में मार्टिन बर्न कंपनी ने आगरा फोर्ट के पास 0.5 मेगावाट बिजली उत्पादन का बिजलीघर लगाया, जिसकी बाद में क्षमता बढ़ते-बढ़ते 29.75 मेगावाट हो गई।
आगरा फोर्ट का बिजलीघर इतना प्रसिद्ध हुआ कि उसका नाम ही बिजलीघर चौराहा हो गया, जबकि उसे बंद हुए बरसों हो गए। 1973 तक यह बिजली उत्पादन करता रहा, लेकिन ताजमहल पर प्रदूषण रोकने के लिए की गई सिफारिश के चलते इसे और यमुना बैंक पावर हाउस को बंद कराया गया।
चक्कीपाट, छीपीटोला, बिजली घर में इस प्लांट की राख निकलकर गिरती थी। 18 दिसंबर 1973 से यह बंद पड़ा है, जिसके बाद उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद का यह कार्यालय बन गया। अब यहां टोरंट पावर का आफिस है।