अक्षय तृतीया को अक्षय पुण्य फलदायी माना जाता है। इस बार अक्षय तृतीया पर 191 साल बाद सर्वार्थ सिद्ध योग, रवियोग, मंगलादित्य योग और बुद्धादित्य योग का महायोग बन रहा है। जो दानपुण्य, भूमि, भवन, वाहन और सोने की खरीदारी के लिए शुभ फलदायी होगा। इस मौके पर बटेश्वर में धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे।
ज्योतिषाचार्य शिवशरण पारासर ने बताया कि 21 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर अद्भुत महायोग बन रहा है। सुबह 6:15 से 12:00 बजे तक सर्वार्थ सिद्ध योग, 12:00 से सूर्यास्त तक रवि योग, मध्याह्न के समय में मंगलादित्य और बुद्धादित्य योग भी बन रहे हैं। महायोग के दौरान दानपुण्य का तो अक्षय फल मिलेगा ही। भूमि, भवन, वाहन और सोने की खरीदारी भी शुभ फलदायी साबित होगी। उन्होंने बताया कि अक्षय तृतीया पर महालक्ष्मी का अनुष्ठान नित्य क्रिया के बाद शांतचित्त होकर करने से मनोकामना पूर्ण होगी।
पूजन के बाद ब्राह्मणों को जल से भरे घडे़, पंखे, खड़ाऊं, छाता, खरबूजा आदि का दान करना चाहिए। गरीबों को शरबत, दूध पिलाना चाहिए। इस दौरान बटेश्वर में भगवान ब्रह्मलाल जी का अभिषेक, पूजन होगा। मंदिर के महंत जय प्रकाश गोस्वामी ने बताया कि अक्षय तृतीया पर किए दानपुण्य का अक्षय फल प्राप्त होता है। शादी और सोने की खरीद के लिए भी शुभ माना जाता है। बटेश्वर में मंगलवार के लिए सभी तैयारियां परी कर ली गई हैं। वहीं, बाह के परशुराम मंदिर में सुबह 8 बजेे हवन पूजन होगा। यह जानकारी प्रयाग नारायण शर्मा ने दी है।