ताजनगरी की जगह इंटरनेशनल एयरपोर्ट को सैफई में बनाए जाने की संस्तुति पर पर्यटन उद्यमियों की जोरदार प्रतिक्रिया के बाद प्रदेश सरकार बैकफुट पर आ गई है। शुक्रवार को मुख्य सचिव दीपक सिंघल ने शहर के उद्यमियों से सपा सरकार के विकास कार्यक्रमों पर फीडबैक लिया तो सभी ने एक सुर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट को सैफई ले जाने पर निराशा जाहिर करते हुए सैफई का औचित्य पूछा। दोपहर में मुख्यमंत्री ने फोन पर फीडबैक जाना तो उसके बाद ही मुख्य सचिव ने आगरा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट की संभावनाएं बने रहने का भरोसा दिया। शाम को डीएम पंकज कुमार ने प्रेसवार्ता कर कहा कि मुख्यमंत्री आगरा में भी एयरपोर्ट बनाना चाहते हैं। बता दें कि आगरा से इंटरनेशनल एयरपोर्ट का हक छीनकर सैफई को देने पर अमर उजाला ने शहर की आवाज को लगातार उठाया है। माना जा रहा है कि यह आवाज जब मुख्य सचिव के जरिए लखनऊ पहुंची तो प्रदेश सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा।
हवाई अड्डे के लिए किया हवाई सर्वे
प्रदेश के मुख्य सचिव दीपक सिंघल ने धनौली में प्रस्तावित सिविल एन्क्लेव का एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया के अधिकारियों के साथ हवाई सर्वे किया। शुक्रवार सुबह संयुक्त रूप से मुख्य सचिव ने धनौली के एन्क्लेव में प्रवेश के साथ कनेक्टिविटी, रनवे की लंबाई, कस्टम क्लीयरेंस जैसे मुद्दों पर चर्चा की। एयरपोर्ट अथारिटी के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम को प्रदेश सरकार के आग्रह पर भेजा गया था। हेलीकॉप्टर से मुख्य सचिव के साथ इस टीम के सदस्यों ने रनवे की लंबाई बढ़ाने सहित अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरणों और नाइट लैंडिंग फैसिलिटी पर जोर दिया। सूत्रों के मुताबिक एयरपोर्ट अथारिटी अधिकारियों के साथ इंटरनेशनल एयरपोर्ट की संभावना पर भी मुख्य सचिव ने चर्चा की।