शहीदों के परिवारों के अभिनंदन समारोह में अतिथि
- फोटो : अमर उजाला
नए दौर की करवटें आभास दे रही हैं कि भारत हमारी एकता से सुपर पॉवर बनेगा। ये देश का इतिहास बदलने का समय है न कि इसे जातीय आधार पर विघटित करने का।
शहीद परिवार स्वयं को अकेला न समझें, पूरा देश इनके साथ खड़ा है। यह विचार संस्कार भारती (पुरातन) द्वारा बीएसए कॉलेज प्रांगण में शहीदों के परिवारों के अभिनंदन समारोह में मुख्य अतिथि मेजर जनरल (रिटायर्ड) जीडी बख्शी ने व्यक्त किए।
विशिष्ट अतिथि कर्नल (रिटायर्ड) विक्रम सिंह ने 1965 एवं 1971 की लड़ाइयों का जिक्र करते हुए फील्ड मार्शल रहे जनरल मानिक शॉ के नेतृत्व में 93 हजार पाक सैनिकों के समर्पण और बांग्लादेश की संरचना से रूबरू कराते हुए हवलदार शहीद अब्दुल हमीद की जाबांजी के संस्मरण साझा किए।
पद्मश्री दादा योगेंद्र ने भारत की खोज हेतु वास्कोडिगामा और कोलम्बस के योगदान से जुड़े संस्मरणों को साझा कर श्रोताओं का ज्ञानवर्धन किया। प्रांतीय महामंत्री शशांक तिवारी ने संस्कार भारती का परिचयात्मक विश्लेषण प्रस्तुत किया।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ विशिष्ट अतिथि कर्नल (रिटायर्ड) विक्रम सिंह, पद्मश्री दादा योगेंद्र, चेयरमैन एमएम अग्रवाल, पूर्व चेयरमैन मनोहरलाल गोयल, गौरसरन सर्राफ ने मां शारदा की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
महिला शाखा अध्यक्ष रेखा माहेश्वरी ने स्वागत संबोधन किया। इस अवसर पर सुरेंद्र सक्सैना, जयकिशोर माहेश्वरी, जयप्रकाश शर्मा, विशनकांत मिलिंद, श्याम खंडेलवाल, अतुल शोरावाला, कृष्णगोपाल सिंघल, भारत भूषण सिंघल, उमा शर्मा, केजी माहेश्वरी, कमलेश अरोड़ा, हृदेश शर्मा, शिव कुमार गुप्ता, जुगल किशोर अग्रवाल, चारू सिंघल माधुरी शर्मा थे।