मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सूबे का मुखिया बनते ही उप्र राज्य परिवहन निगम पूर्वी उत्तर प्रदेश पर मेहरबान है। विभाग लगातार वहां के शहरों को बेहतर परिवहन व्यवस्था मुहैया कराने में जुटा है।
शताब्दी, जनरथ, स्केनिया जैसी बसों की सेवा के बाद अंत्योदय/संकल्प बस सेवा का लाभ भी गोरखपुर, बनारस और लखनऊ को दिया गया है। जबकि आगरा परिक्षेत्र के यात्री इस सेवा का लाभ पाने से अभी भी वंचित हैं।
विधानसभा चुनाव में भाजपा के घोषणा पत्र में शामिल अंत्योदय बस योजना के तहत 25 सितंबर से प्रदेशभर में सस्ती दरों पर बसों की सेवा शुरू की जानी थी। इसके तहत आगरा परिक्षेत्र को भी 50 से अधिक बसें मिलनी थीं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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गोरखपुर, लखनऊ, बनारस परिक्षेत्र में तो इन बसों की सेवा 25 सितंबर से शुरू कर दी गई। आगरा परिक्षेत्र को नवंबर तक बसें देने की बात कही गई, लेकिन अभी तक यह बसें यहां नहीं मिली हैं।
विभागीय सूत्रों के अनुसार आगरा परिक्षेत्र के लिए भी बसों की मांग की गई थी। इनके लिए रूटों का भी निर्धारण कर लिया गया लेकिन अभी तक शासन की ओर से बस दिए जाने के संबंध में कोई सूचना नहीं मिली है।
गौरतलब है कि इन बसों को पूर्व की सपा सरकार द्वारा चलाई गई लोहिया बस सेवा की तर्ज पर चलाया जाना है। इनमें यात्रियों को सामान्य बसों की अपेक्षा किराए में 30 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
यह बसें आसपास के शहर और देहात के क्षेत्रों के बीच सेतु का काम करतीं। इन्हें आगरा से बाह, अलीगढ़, मथुरा, फीरोजाबाद, एटा और इटावा के रूट पर चलाया जाना है।