आगरा में छह साल पहले हुए संजलि हत्याकांड के दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी है। लेकिन संजिल का परिवार चाहता है कि उन्हें फांसी दी जाए। इसके लिए परिवार हाईकोर्ट जाना चाहता है, लेकिन पैसों की तंगी आड़े आ रही है।
आगरा के मलपुरा के गांव लालऊ में 18 दिसंबर 2018 को दसवीं की छात्रा संजलि की हत्या की गई थी। दो दोषियों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हालांकि परिवार इतने से संतुष्ट नहीं है। मां अनीता देवी ने कहा कि जैसे मेरी बेटी को मारा था, वैसी सजा की उम्मीद थी। फांसी होनी चाहिए। आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। ऐसे में कैसे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएं। कोई सरकारी मदद नहीं मिली।
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जनप्रतिनिधियों ने बहुत आश्वासन दिए थे, लेकिन पूरे नहीं हुए। गांव लालऊ में छात्रा संजलि को उसके तयेरे भाई योगेश ने अपने रिश्तेदार आकाश कुमार और विजय के साथ मिलकर पेट्रोल डालकर जला दिया था। इलाज के दाैरान मौत हो गई थी। योगेश ने संजलि की मृत्यु के बाद खुदकुशी कर ली थी।
मामले में मंगलवार को कोर्ट ने हत्यारोपी विजय और आकाश को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 5 लाख रुपये से अधिक का अर्थदंड लगाया। दोषियों को सजा मिलने के बाद संजलि की मां अनीता देवी बुधवार को कोर्ट में अपने अधिवक्ता से मिलीं। उन्होंने कोर्ट के निर्णय की काॅपी ली। उनका कहना है कि आगे लड़ाई लड़ने के लिए रुपये नहीं हैं। सरकार से आर्थिक मदद मिलनी चाहिए। बेटी के हत्यारों को फांसी की सजा दिलाना चाहती हैं, जिससे कोई दूसरा बेटियों के साथ ऐसा नहीं कर सके।