उत्तर प्रदेश में सियासी जमीन बनाने की कोशिश में लगे आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष एवं हैदराबाद सांसद असदउद्दीन ओेवैसी ने यहां मंगलवार को एक कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के अलावा राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ और बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक ओर संघ रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन कराता है, तो
दूसरी ओर हिंदुस्तान को हिंदू राष्ट्र बनाने की बात करता है। यह घालमेल नहीं चलेगा।
एमजी रोड स्थित रेस्टोरेंट में उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कभी संघ इफ्तार कराता है, तो कभी बाबरी मस्जिद गिराता है। योग न करने पर मुस्लिमों को समुद्र में फेंकने की धमकी भी देता हैं। उन्होंने कहा कि व संघ के खिलाफ हैं, क्योंकि उसकी विचारधारा मुस्लिम विरोधी है। उन्होंने तंज कसा कि एक ओर मोदी सरकार बजट में मदरसा आधुनिकीकरण के नाम पर सौ करोड़ रुपया देती है, जबकि दूसरी ओर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री मदरसों में पढ़ने वालों को छात्र नहीं मानते। ऐसा लगता है कि महाराष्ट्र के सीएम अपने ही पीएम के खिलाफ काम कर रहे हैं।
ओवैसी ने कहा कि संघ कहता है कि परिवार नियोजन कराया जाए। लेकिन उनका दावा है कि 1991 के मुकाबले 2001 की जनगणना में मुस्लिमों की आबादी में दो फीसदी की कमी आई। इसी तरह से 2011 की जनगणना में कमी दर्ज की गई। ऐसे में परिवार नियोजन की जरूरत किसे है? उन्होंने कहा कि प्रदेश की सपा सरकार डरी हुई है। इसलिए उनकी 11 सभाएं अचानक रद करा दी गई, लेकिन 2017 में उनकी पार्टी चुनाव लड़ेगी।
मुस्लिम वोटों के बिखराव पर कहा कि लोकसभा चुनाव में तो एआईएमआईएम ने कोई प्रत्याशी खड़ा नहीं किया था। रही बात पंचायत चुनाव की, तो इस बारे में अभी विचार किया जा रहा है।
मंगलवार को दरगाह अमीर अबुल उला पर आल इंडिया मसलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन की ओर से रोजा इफ्तार कराया गया। इसी में शामिल होने के लिए असदउद्दीन ओवैसी आए थे। इस मौके पर पार्टी के जिलाध्यक्ष मोहम्मद इदरीश मौजूद रहे।