मैनपुरी। संचारी रोग नियंत्रण के लिए शासन और प्रशासन गंभीर है, लेकिन नगर पालिका उदासीन है। इसीलिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से दो बार पत्र भेजे जाने के बाद भी पालिका ने संचारी रोग नियंत्रण के लिए न तो सफाई कराई और न ही जलनिकासी की व्यवस्था।
नगर पालिका गंभीर नहीं हुई तो जिले में संचारी रोग पर नियंत्रण करना संभव नहीं होगा। स्वास्थ्य विभाग अपने स्तर का काम तो कर सकता है, लेकिन जलनिकासी और साफ सफाई नहीं करा सकता है। सीएमओ ने इसकी जानकारी आला अफसरों को दी है।
मोहल्ला यदुवंशनगर
मोहल्ले के बीचोंबीच जलभराव होने के कारण लोग परेशान हैं। मोहल्ले में जलभराव के कारण संचारी रोग फैलने की आशंका व्यक्त की जा रही है। पिछले साल इस मोहल्ले में चार लोग डेंगू से पीड़ित निकले थे।
मोहल्ले के लोगों ने कई बार नगर पालिका प्रशासन को जलभराव से निजात की मांग की, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा दो बार नगर पालिका को भेजी गई रिपोर्ट में भी इस मोहल्ले का जिक्र है।
मोहल्ला अग्रवाल
मोहल्ले में घनी बस्ती के बीच जलभराव है। नाली का निर्माण न होने के कारण मोहल्ले का पानी एकत्रित होता है। जो संचारी रोगों को बढ़ावा दे रहा है। पिछले साल मोहल्ले में डायरिया से चार लोगों की मौत हुई थी।
तीन लोग डेंगू पीड़ित भी निकले थे। इस मोहल्ले के लोग भी नगर पालिका को कई बार लिखित शिकायती पत्र दे चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने भी नगर पालिका को भेजे पत्र में यहां का जिक्र किया था।
मोहल्ला गाड़ीवान
मोहल्ले में जलभराव से तालाब जैसी स्थित बन गई है। यहां भरे हुए गंदे पानी में बेसहारा जानवर विचरण करते हैं। जलभराव के चारों तरफ घनी बस्ती है। गंदे पानी से बदबू आती है जिससे यहां से निकलना भी मुश्किल होता है।
मोहल्ले के लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि पिछले साल इस मोहल्ले में सात लोग डेंगू से पीड़ित हुए थे। नगर पालिका को जल निकासी के लिए पत्र लिखे गए कोई ध्यान नहीं दिया गया। स्वास्थ्य विभाग के पत्र में गाड़ीवान का नाम भी शामिल है।
नार्मल स्कूल परिसर
पुराने बीएसए कार्यालय के पीछे जिला विद्यालय निरीक्षक और बीएसए कार्यालय के नवीन भवन के मुख्य गेट के सामने जलभराव है। आसपास घनी बस्ती है। दोनों कार्यालयों में प्रतिदिन शिक्षक-शिक्षिकाओं का आना जाना रहता है। जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने भी अपने निरीक्षण के दौरान जलनिकासी के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी यहां जलभराव की समस्या से निजात नहीं मिल सकी।
वर्ष 2019 में मुझे डेंगू हुआ था। स्वास्थ्य विभाग ने माना था कि यहां जलभराव के कारण ही मोहल्ले में डेंगू के मरीज बढ़े हैं। इसके बाद भी जलभराव से निजात नहीं दिलाई गई।
शिवम यादव, यदुवंशनगर
पिछले साल मोहल्ले में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ी थी। तब भी स्वास्थ्य विभाग ने जलभराव को कारण बताया था। स्वास्थ्य विभाग और नगर पालिका ने इस जलभराव से आज तक निजात नहीं दिलाई।
दीनदयाल कश्यप, यदुवंशनगर
मोहल्ले में कई जगह जलभराव हो रहा है। नगर पालिका और जिला प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। संचारी रोग को लेकर शासन के निर्देश हैं लेकिन ऐसी स्थिति में रोगों पर कैसे रोक लगेगी।
विपन कुमार, मोहल्ला गाड़ीवान
जगह-जगह गंदा पानी भर रहा है। उसमें जानवर विचरण करते हैं। इससे संचारी रोग फैल सकते हैं। शासन संचारी रोग से निजात की बात कह रहा है। ऐसे कैसे निजात मिल सकती है।
विशाल सिंह, मोहल्ला अग्रवाल
बोले जिम्मेदार
शहर में जलभराव वाले इलाके चिह्नित करके दो बार जलनिकासी के लिए नगर पालिका को पत्र लिखा गया है। उच्चाधिकारियों को भी इस संबंध में जानकारी दी गई है। जलभराव वाले इलाके मरीजों को बढ़ा सकते हैं।
डॉ. एके पांडेय, सीएमओ
कुछ इलाकों में टूटी नालियों के कारण पानी भर रहा था। नालियां ठीक कराई गई हैं। कुछ इलाकों में जलभराव है उसके लिए नालों को भी निर्माण कराया गया है। हाल ही में बोर्ड की बैठक होने वाली है। इसमें जलभराव से निजात की समस्या के लिए प्रस्ताव रखा जाएगा। - लालचंद भारती, ईओ नगर पालिका