आगरा। कागजी आंकड़ों से लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ जारी है। इस बार जगह एक है, लेकिन प्रदूषण के आंकड़े अलग अलग हैं। संजय प्लेस और शाहजहां पार्क में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और स्मार्ट सिटी के प्रदूषण आंकड़ों में ढाई गुना से ज्यादा का अंतर है। एक ही जगह पर दो अलग अलग आंकड़ों का मामला इस बार एनजीटी में होने वाली सुनवाई में पर्यावरणविद रखने वाले हैं।
संजय प्लेस में मंगलवार रात को यूपीपीसीबी ने एक्यूआई 142 दिखाया, जबकि स्मार्ट सिटी का संजय प्लेस में ही एक्यूआई 335 दर्ज किया गया। इसी तरह शाहजहां पार्क में यूपीपीसीबी का एक्यूआई 136 दिखाया गया, जबकि स्मार्ट सिटी में यह 314 दर्ज किया गया। संजय प्लेस में दोनों के सेंसर और मशीनें चंद कदमों की दूरी पर लगीं हैं। हैरतअंगेज रूप से आगरा का एक्यूआई 116 दर्शाया गया, जबकि रोहता में यह 97 रहा। जलनिगम की पानी की लाइन के लिए कारण शास्त्रीपुरम की हर गली खोदी जा चुकी है, लेकिन यहां एक्यूआई 91 दर्शाया गया, जबकि हरे भरे शाहजहां पार्क में घने पेड़ों की छांव में लगाए गए स्टेशन पर एक्यूआई 136 दर्ज किया गया।
पर्यावरणविद डॉ. शरद गुप्ता ने बताया कि सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी की टीम आगरा आनी है। उन्हें सांसों के साथ किया जा रहा यह खिलवाड़ दिखाया जाएगा। एनजीटी में इन भ्रामक आंकड़ों को पेश कर स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग की जाएगी। पर्यावरणविद डॉ. संजय कुलश्रेष्ठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में हर मॉनिटरिंग स्टेशन के आंकड़ों से की गई छेड़छाड़ को सबूतों के साथ पेश किया जाएगा।