समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी भाजपा सरकार के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान आपस में भिड़ गए। समर्थकों ने भी बांहें चढ़ा ली। भाषण देने को लेकर हुए विवाद में न सिर्फ गाली-गलौज हुई बल्कि पार्टी के खिलाफ ही नारे लगाए। इस कारण धरने को समय से पहले ही खत्म कर दिया।
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प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था के खिलाफ राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर सपाइयों ने शुक्रवार को सदर तहसील पर धरना-प्रदर्शन किया। पूर्व निर्धारित समय (पूर्वाह्न 10.30 बजे) पर निवर्तमान जिलाध्यक्ष रामसहाय यादव को छोड़कर चुनिंदा कार्यकर्ता ही पहुंचे थे।
दोपहर 12 बजे के बाद भीड़ जुटना शुरू हुई। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी भी तभी पहुंचे। इसी बीच वरिष्ठ पदाधिकारी ने जुमे की नमाज के समय को देखते हुए भाषण देने वाले नेताओं की सूची में कटौती कर दी। इस पर फ्रंटल संगठन के एक नेता भड़क गए।
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उन्होंने जिला इकाई के एक पदाधिकारी के साथ गाली गलौज कर दी। इस पर दोनों के समर्थक आमने-सामने आ गए। एक-दूसरे के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए पार्टी के खिलाफ भी नारेबाजी कर दी। धरना स्थल पर काफी गहमा-गहमी हो गई।
वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। मगर, विवाद की स्थिति में धरने को समय से पहले ही खत्म कर दिया। निवर्तमान जिलाध्यक्ष रामसहाय यादव का कहना है कि भाषण को लेकर कुछ विवाद हुआ था। बाद में शांत हो गया था।
आंदोलन की चेतावनी
सपा राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार में किसान, महिलाएं तथा आम आदमी परेशान है। ये सरकार समाज में सिर्फ फूट डालने का काम कर रही है।
कानून व्यवस्था पर पूरी तरह से फेल है। चेतावनी दी कि यदि कानून व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ तो पार्टी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी। सपाइयों ने अपनी मांगों के संबंध में राज्यपाल के नाम प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा।