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बदलाव: आगरा की इस सीट पर मुस्लिम प्रत्याशी का काटा टिकट, सपा ने खेला वैश्य कार्ड, इन्हें बनाया उम्मीदवार

Fri, 21 Jan 2022 12:05 AM IST
Abhishek Saxena संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

आगरा की फतेहाबाद विधानसभा सीट के बाद सपा ने दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में प्रत्याशी बदल दिया है। यहां पहले मुस्लिम प्रत्याशी रिजवान रईसउद्दीन को टिकट दिया था। अब वैश्य कार्ड खेला है।
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सपा ने विनय अग्रवाल को दिया टिकट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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समाजवादी पार्टी (सपा) ने दो दिन में दो प्रत्याशी बदल दिए हैं। दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से रिजवान रईसउद्दीन का चार दिन पहले घोषित टिकट काटकर गुरुवार को विनय अग्रवाल को दिया गया है। इससे पहले बुधवार को फतेहाबाद में राजेश शर्मा का टिकट काट कर रूपाली दीक्षित को प्रत्याशी घोषित किया था।
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विधानसभा चुनाव 2022 के लिए पहले चरण की नामांकन प्रक्रिया अंतिम दौर में पहुंच गई है। शुक्रवार को नामांकन का अंतिम दिन है। इससे एक दिन पहले सपा ने फिर बड़ा फेरबदल करते हुए दक्षिण सीट पर मुस्लिम की जगह वैश्य कार्ड खेला है। शहर अध्यक्ष वाजिद निसार ने बताया कि रिजवान रईसउद्दीन की जगह व्यापारी नेता विनय अग्रवाल को टिकट दिया गया है। दक्षिण सीट पर दस साल से भाजपा का कब्जा है। 15 साल में पहली बार ऐसा हो रहा कि इस सीट पर किसी भी दल ने मुस्लिम को टिकट नहीं दिया है। 
राजेश शर्मा का काटा टिकट
इससे पहले बुधवार को फतेहाबाद से पूर्व घोषित राजेश कुमार शर्मा की जगह बाहुबली अशोक दीक्षित की पुत्री रूपाली दीक्षित पर सपा ने दांव लगाया है। जिले में सपा इस बार रालोद व अन्य छोटे दलों के गठबंधन के साथ चुनाव मैदान में उतरी है। गठबंधन में जिले की नौ सीटों में से तीन सीट रालोद और छह सीट सपा के खाते में गई हैं। 2017 में सपा ने कांग्रेस से गठबंधन किया था, जबकि 2019 में बसपा से गठबंधन किया था। 
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टिकटों के बंटवारे से संतुष्ट नहीं थे पदाधिकारी
टिकटों के बंटवारे से पार्टी पदाधिकारी संतुष्ट नहीं थे। जिन प्रत्याशियों को बदला गया उनको लेकर पार्टी पदाधिकारियों ने ही सबसे पहले हाई कमान के समक्ष विरोध दर्ज कराया था। क्षेत्रीय लोगों की फीड बैक की दुहाई दी गई। जिसके बाद सपा ने दो दिन में दो टिकट बदले।
कार्यकर्ताओं को नहीं मिल रहा मौका
सपा में टिकट वितरण में कार्यकर्ताओं से ज्यादा गैर दलों से जुड़े दावेदारों पर भरोसा जताया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि पार्टी में लंबे समय से सक्रिय कार्यकर्ताओं को तरजीह नहीं मिल रही है। उत्तर से सपा प्रत्याशी ज्ञानेंद्र गौतम ने 2017 में बसपा से चुनाव लड़ा था। छावनी से प्रत्याशी कुंवरचंद वकील भी चुनाव से दो महीने पहले सपा में शामिल हुए। फतेहाबाद में रूपाली दीक्षित भी सपा कार्यकर्ता नहीं रही हैं। एत्मादपुर में वीरेंद्र सिंह चौहान भी चुनाव से 15 दिन पहले सपा में आए हैं। ऐसे में पार्टी की अंदरूनी कलह फिर सतह पर आ सकती है।
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