सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के कुनबे में छिड़ी आर-पार की लड़ाई में कार्यकर्ताओं के बीच लखनऊ में हुई गुत्थम-गुत्था के बाद आगरा समेत अन्य जनपदों में भी टकराव के आसार हैं। शासन ने पुलिस और प्रशासन के अफसरों को अलर्ट किया है। खुफिया पुलिस ने सीएम अखिलेश यादव और प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के समर्थकों पर नजर रखना शुरू कर दिया है। कुछ दिन पहले शहर में काफी हंगामा हुआ था।
वैसे आगरा में अखिलेश की टीम हावी है लेकिन शिवपाल के समर्थक भी कम नहीं है। गुस्सा दोनों ओर है। रविवार को अखिलेश समर्थकों ने अमर सिंह का पुतला फूंका था। नाराजगी इस बात से भी जाहिर होती है कि यमुनापार के सम्मेलन में अखिलेश और मुलायम सिंह यादव के नारे तो लगे लेकिन शिवपाल का नाम तक नहीं लिया गया। इस बीच सोमवार को लखनऊ में दोनों के समर्थकों के बीच मारपीट हो जाने से शासन टेंशन में आ गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सुबह ही अलर्ट जारी कर दिया गया। अधिकारियों को फोन से पल-पल की स्थिति पर नजर रखने के लिए कहा गया है।
खुफिया पुलिस ने सपा नेताओं से संपर्क कर उनकी आगे की रणनीति के बारे में जानकारी की। फिलहाल स्थिति यह पाई गई है कि दोनों नेताओं के ज्यादातर समर्थक लखनऊ में ही डेरा डाले हैं। इनके लौटने पर कुछ हंगामा हो सकता है । तभी पुलिस की असली परीक्षा होगी।
पुतला फूंकने वालों की सूची बनी
आगरा। प्रदेश संगठन की कमान शिवपाल यादव को मिलने से पहले से ही उनके कई करीबी आगरा में अहम पदों पर काबिज हैं। तब चाचा-भतीजा में विवाद नहीं था। लेकिन अब नए नजरिए से हर चीज को देखा जा रहा है। चिंता अखिलेश के करीबी नेताओं में भी है। इन्हें डर इस बात का है कि कहीं शिवपाल उनकी संगठन से छुट्टी न कर दें। खासतौर से उन नेताओं की जो अखिलेश से हमदर्दी दिखाने के चक्कर में अमर सिंह के पुतले फूंक रहे हैं। सपा सूत्रों की मानें तो इनकी सूची बनाई जा चुकी है।