सौदा एक लाख रुपये में तय हुआ
आरोपी 15 दिन के नवजात का सौदा करने वाले हैं। इस पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के उप निरीक्षक सतवीर सिंह और महिला एएसआई राजेश ने दंपती बनकर हिना व पवन से बच्चे के लिए बातचीत की। हिना व पवन ने नवजात (बच्ची) के लिए डेढ़ लाख रुपये की मांग की। बाद में सौदा एक लाख रुपये में तय हुआ।
हिना ने अस्पताल के सामने मिलने की बात कही
इसके बाद सिंचाई विभाग के एसडीओ राजकुमार को बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। उप निरीक्षक सतबीर सिंह ने हिना से संपर्क करके नवजात बच्चे को देने के बारे में समय व स्थान निर्धारित किया, जिस पर हिना ने सेक्टर-8 स्थित सर्वोदय अस्पताल के सामने मिलने की बात कही। सर्वोदय अस्पताल की कैंटीन में बुलाया।
एक निजी कंपनी में काम करता है हिना का पति
कुछ देर बाद हिना व पवन कार में नवजात बच्ची को लेकर अटल पार्क आए। हिना ने राजेश को नवजात दे दिया। इसी दौरान मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने भाटिया कॉलोनी निवासी पवन शर्मा व पर्वतीया कॉलोनी निवासी हिना माथुर को पकड़ लिया। आरोपी नवजात को बल्लभगढ़ की आर्य नगर निवासी वंदना से अच्छी परवरिश करने का झांसा देकर लाए थे। क्राइम ब्रांच 65 के इंचार्ज एसआई भ्रमपाल ने बताया कि पवन की जवाहर कॉलोनी में प्लास्टिक की फैक्टरी है व हिना उड़ान एनजीओ चलाती है। एनजीओ में 11 सदस्य हैं। हिना का पति सोनीपत में एक निजी कंपनी में काम करता है।