कासगंज। जिले में खसरे से तीन बच्चों की मौत के मामले में लापरवाही के दोषी पाए गए सीएमओ के कारनामें कई है। गंजडुुंडवारा स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात चिकित्सक के अनुपस्थित रहने के बाद भी वेतन आहरित होता रहा। डीएम के निर्देश के पांच माह बाद भी चिकित्सक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके लिए सीएमओ को विभागीय वित्तीय क्षति पहुंचाने का दोषी माना गया है।
गंजडुंडवारा स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात रही चिकित्सक डा. गुंलिस्ता अंजुम लंबे समय तक बिना अवकाश लिए अपनी ड्यूटी पर नहीं आई। लगातार चिकित्सक के अनुपस्थित रहने का मामला जब डीएम के संज्ञान में आया तो उन्होंने इसे गंभीरता से लिया। बिना ड्यू्टी के ही चिकित्सक के वेतन का भुगतान किए जाने पर डीएम ने 7 अक्तूबर 2022 को सीएमओ डा. अवध किशोर प्रसाद को आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई करने को भी कहा गया, लेकिन सीएमओ ने अब तक इस मामले में डीएम को न तो आख्या ही उपलब्ध कराई ओर न ही चिकित्सक के खिलाफ कोई कार्रवाई की। बिना ड्यूटी के ही चिकित्सक का वेतन आहरित किए जाने से विभाग को काफी क्षति उठानी पड़ी है। डीएम ने इसके लिए सीएमओ को इसका जिम्मेदार ठहराया है। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को इस संबंध में अवगत भी कराया गया है। जिससे उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जा सके।
सीएमओ के द्वारा अनुपस्थित रहने वाले चिकित्सक का वेतन आहरित करने, निर्देश के बाद भी कोई कार्रवाई न करने एवं आख्या उपलब्ध नहीं कराने के मामले की रिपोर्ट प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को भेजी गई है। हर्षिता माथुर, जिलाधिकारी